• एक ओर स्तनों का आकार छोटा होना, जहाँ स्त्रियों में हीन भावना भर देता है, तो दूसरी ओर स्तनों का आकार बहुत बढ़ जाना भी उनके लिए परेशानियाँ पैदा करता है. स्तनों का आकार न तो बहुत छोटा होना चाहिए और न तो बहुत बड़ा. स्तनों का आकार ज्यादा बढ़ जाने से महिलाओं को रीड़ की हड्डी और कंधे में दर्द की समस्या हो सकती है, कई अन्य समस्याओं का उन्हें सामना करना पड़ता है. तो आइए जानते हैं कि कौन से उपाय और तरीके आजमाकर आप अपने स्तनों का आकार कम कर सकती हैं. क्या-क्या चीजें आपको करनी होंगी और क्या-क्या नहीं.
    • स्तनों (ब्रेस्ट) का आकार कम करने के उपाय :
    • अगर आप मोटापे से ग्रस्त हैं, तो पहले अपना वजन कम कीजिए. वजन कम किये बिना मोटी स्त्रियों के स्तनों का आकार कम नहीं हो सकता है.
    • सही फिटिंग वाली ब्रा पहनिए, सही फिटिंग वाले ब्रा स्तनों को बेडौल होने से रोकते हैं.
    • पैकेट बंद और डिब्बा बंद चीजें, तली हुई चीज़ें कम खाइए.
    • हर दिन कार्डियो एरोबिक्स करना शुरू कीजिए, इससे आपके स्तनों की चर्बी कम होगी.
    • साइकलिंग या ब्रिस्क वाक करने से भी ब्रेस्ट का आकार प्राकृतिक तरीके से कम होता है.
    • अगर आप ऐसे डांस स्टेप्स करती हैं, जिससे छाती के हिस्से में मूवमेंट होती हो, तो यह भी स्तन का आकार कम करने में मदद करेगा.
    • मसाज के जरिए भी स्तनों की चर्बी को कम किया जा सकता है. हालांकि इस तरीके से स्तनों का आकार कम होने में थोड़ा लम्बा समय लगेगा. मसाज के लिए आप किसी भी प्राकृतिक तेल का उपयोग कर सकती हैं.
    • एक कप गर्म पानी में पीसा हुआ अदरक और एक चम्मच शहद मिलाकर पिएँ. यह स्तनों की चर्बी को कम करने का एक असरदार तरीका है.
    • एक दिन में 2 बार ग्रीन टी पीने से स्तनों के आकार को कम करने में मदद मिलती है.
    • सप्ताह में दो बार, अंडे के सफेद भाग में एक चम्मच प्याज का रस मिलाकर पीने से आपके स्तनों में कठोरता आएगी और इसका आकार कम दिखने लगेगा.
    • एक मुठ्ठी नीम के पत्ते को उबाल लें, फिर इसमें थोड़ी हल्दी और एक चम्मच शहद मिला दलें. फिर पानी के साथ इसे खाएँ, कुछ सप्ताह में असर दिखना शुरू हो जायेगा.
    • खाना समय से खाएँ और पेट भरने से थोड़ा कम खाना खाएँ.
    • घर का खाना खाइए और जंक फ़ूड बिल्कुल मत खाइए.
    • पूरी नींद लीजिए और सुबह जल्दी उठकर व्यायाम कीजिए. सुबह-सुबह सैर पर जाइए.
    • दिन में दो बार शौच जाने की आदत डालिए, एक बार सुबह-सुबह और एक बार रात में सोने से पहले.
    • ताम्बे के जग में रात में पानी रखें और सुबह उठकर बिना मुँह धोए जग में रखे पानी को पिएँ, फिर शौच जायें. इससे आपके शरीर की सारी गंदगी साफ हो जाएगी.
    • अगर आप वर्किंग वीमेन हैं, तो आपको खास तौर पर शारीरिक श्रम करना चाहिए.
    • ध्यान रखें अगर आपके बड़े स्तनों का कारण आनुवांशिक है, तो इसका आकार एक हद तक हीं कम होगा.
    • अर्द्ध चक्रासन कीजिए. सीधे खड़े होकर अपने हाथों को एक साथ ऊपर की ओर फैलाइए. हथेलियों की मुटठी बांध लीजिए. हथेलियों को एक साथ मिलाएं. अपने शरीर को ऊपर की ओर खींचें, यह सुनिश्चित करें कि कंधे कान को छुएं.  गहरी सांस लें, अपने शरीर को कूल्हों के सहारे ऊपर की ओर ले जायें.  अपने घुटनों को मोड़ें. यह आसन 1 या 2 minute के लिए करें.
    • आप स्विमिंग भी कर सकती हैं.
    • पैसा दुनिया में सबकुछ तो नहीं होता है, लेकिन पैसों की जरूरत हर किसी को हर दिन पड़ती है. कई बार हमारे काम पैसों की कमी के कारण बिगड़ जाते हैं. कई बार छोटी-छोटी बातों को हम… अक्सर नजरंदाज कर देते हैं, और यही छोटी-छोटी बातें हमारे धन के आगमन के रास्ते में बाधा पैदा करती है. तो आइए जानते हैं, कि कौन से उपाय करके आप अपने पैसों के आगमन के श्रोत बढ़ा सकते हैं. क्या-क्या चीजें आपको करनी चाहिए और क्या नहीं करनी चाहिए.
    • जिस घर में अक्सर लड़ाई होती रहती है, उस घर पर लक्ष्मी की कृपा नहीं होती है. इसलिए यह सुनिश्चित करें कि आपके घर में लड़ाई न हो.
    • हर दिन श्रीसूक्त का पाठ कीजिए और श्रीसूक्त से हवन भी कीजिए.
    • घर में तुलसी का पौधा लगाएँ, और हर शाम तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जरुर जलाएँ.
    • जिस घर के लोग सूर्योदय से पहले उठ जाते हैं, फिर पूजा करके हीं नाश्ता करते हों. उस घर पर लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है.
    • भगवान को भोग लगाने के बाद हीं भोजन कीजिए.
    • बिस्तर पर बैठकर भोजन न करें, इससे माँ लक्ष्मी रुष्ट होती है.
    • अपने घर की स्त्रियों को सम्मान दें, उन्हें जानबूझकर कष्ट भूलकर भी न दें. जिस घर में स्त्रियाँ दुखी होती है, वहाँ लक्ष्मी कभी नहीं टिकती है.
    • जहाँ धन रखते हों, उस स्थान पर लाल कपड़ा बिछा दीजिये.
    • किसी का भी जूठा भोजन न करें, इससे उस व्यक्ति की दरिद्रता का कुछ अंश आपमें आ जाता है.
    • घर में कबाड़ न रखें, टूटे-फूटे चीजों को घर में नहीं रखना चाहिए.
    • रात में खाना खाने के बाद जूठे बर्तन रसोई में न छोड़ें. बर्तन और रसोई की सफाई करने के बाद हीं सोयें.
    • शाम के समय में कभी भी सेक्स न करें.
    • शाम होने के बाद घर में झाड़ू न लगाएँ.
    • पूजा रूम अलग रखें, पूजा रूम की शुद्धता का ख्याल रखें और जब भी पूजा करें तो पूरी तरह शुद्ध होकर पूजा करें.
    • किसी से भी कोई भी चीज मुफ्त में न लें, उसके सामान की कीमत अवश्य चुकाएँ. किसी को धोखा देकर धन लेने से भी लक्ष्मी नाराज हो जाती है.
    • अपनी आय का कुछ हिस्सा धार्मिक कार्यों में जरुर लगाएँ, समय-समय पर दान भी करते रहें.
    • अपने इष्ट देवता / देवी की हर दिन पूजा करें.
    • घर में मकड़ी के जालों को न रहने दें, इन्हें साफ करते रहें.
    • चाहे आपकी दुकान हो या ऑफिस, आप जहाँ पर भी काम करते हैं, उस स्थान को साफ रखें.
    • घर में ताजमहल, नटराज, बहते पानी के चित्र…… इन सबकी न तो फोटो रखें न हीं मूर्ति.
    • घर में उपयोग किया गया पानी, घर में कहीं जमा नहीं होना चाहिए.
    • घर में पकाया हुआ अन्न कभी भी बर्बाद नहीं होना चाहिए, माड़ नाली में कभी न फेकें.
    • दूसरे की स्त्री या धन पर बुरी दृष्टि न डालें.
    • साफ सुथरे रहें, गंदे या फटे कपड़े न पहनें.
    • घर का कुछ हिस्सा कच्चा ( मिटटी ) जरुर छोड़ दें.
    • बड़ों का सम्मान कीजिए, क्योंकि माँ लक्ष्मी उस व्यक्ति पर कृपा नहीं करती है, जो अपने से बड़ों का सम्मान नहीं करता है.
    • अपने घर के ईशान कोण में श्री यंत्र ताम्रपत्र, रजत पत्र या भोजपत्र पर बनाइए. प्राण प्रतिष्ठा करवाने के बाद हर दिन इसकी पूजा कीजिए.
    • खुद को किसी कार्य में कुशल बनाइए, अपने आय के साधन बढ़ाने की कोशिश करते रहिए. क्योंकि ऊपर बताये गए उपाय तभी काम करेंगे, जब आप कुछ करने की कोशिश करेंगे. आपके हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहने से तो धन आपके पास आने से रहा. और ध्यान रखिये खुद की क्षमता का ध्यान रखते हुए हीं आपको अपने कैरियर का चुनाव करना चाहिए.
    • और यह जरुर यद् रखिये कि पुरुषार्थी ( मेहनती ) व्यक्ति का भाग्य कब बदल जाए यह किसी को पता नहीं होता है, इसलिए मेहनत जारी रखिये.


    ब्यूटी पार्लर में फेशियल कराने से स्कीन मुलायम तो हो जाती है, लेकिन वो निखार कुछ ही​ दिनों के लिए होता है। बाद में धूल और गंदगी से वापस से स्कीन अपनी रंगत को खोने लगती है।
    ब्यूटी पार्लर में फेशियल कराने से स्कीन मुलायम तो हो जाती है, लेकिन वो निखार कुछ ही​ दिनों के लिए होता है। बाद में धूल और गंदगी से वापस से स्कीन अपनी रंगत को खोने लगती है। अगर आपकी ड्राई स्‍किन हैं और आप चाहते हैं कि आपकी त्वचा हमेशा मुलायम बनी रहें तो आप इन घरेलू नुस्खों से एवर​ग्रीन निखार पा सकती है।
    चेहरे को दिन भर नम बनाये रखने के लिए चेहरे पर गुलाब जल छिडकें। जब भी आपको त्वचा सूखी लगे तब आप इसका छिड़काव करें। यह हाईड्रेटेड त्वचा पाने का सबसे आसान तरीका है।
    ग्लिसरीन अत्यंत शुष्क त्वचा के लिए बहुत अच्छा मॉस्चराइज़र है। नहाने से पहले या मुंह धोने से पहले चेहरे पर ग्लिसरीन लगायें। अधिक लाभ के लिए अपने मॉस्चराइज़र में ग्लिसरीन मिलकर लगायें।
    नारियल तेल का उपयोग चेहरे पर किया जा सकता है। रात में सोते समय नारियल के तेल से चेहरे की मालिश करें तथा सुबह उठकर नरम और मुलायम त्वचा पायें। त्वचा को हाइड्रेटेड रखने के लिए एलो वेरा सबसे अच्छा घटक है। इसका उपयोग आप दिन में कभी भी कर सकते हैं।
    विटामिन ई कैप्सूल से तेल निकालकर उसे अपने लोशन या क्रीम में मिलाकर लगायें और त्वचा को मॉस्चराइज़ करें। ऑलिव ऑइल त्वचा के लिए बहुत अच्छा होता है, क्योंकि इसमें पोषक तत्व तथा विटामिन ई प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
    रात में सोने से पहले इस तेल से त्वचा की मालिश करें और सुबह आपकी त्वचा नरम और मुलायम हो जायेगी। चेहरे को दिन भर नम बनाये रखने के लिए चेहरे पर गुलाब जल छिडकें। जब भी आपको त्वचा सूखी लगे तब आप इसका छिड़काव करें। यह हाईड्रेटेड त्वचा पाने का सबसे आसान तरीका है।

    इन दिनों मौसमी बीमारियों का प्रकोप चल रहा है। बदलते मौसम में मच्छरजनित बीमारियां होना आम बात है। मच्छरों के काटने से डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और जीका वायरस जैसी गंभीर बीमारियां हो रही है। ऐसे में अगर मच्छरों के काटते ही इसके असर को बेअसर कर दिया जाए तो इनसे काफी हद तक बचा जा सकता है।



    ये हैं कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे, जिनकी सहायता से आप मच्छर के काटने पर किसी भी तरह के दर्द, सूजन और लाल निशान से बच सकते हैं साथ ही जानलेवा बीमारियों को दूर भगा सकते हैं: नींबू- मच्छर काटने पर नींबू का इस्तेमाल काफी उपयोगी है। नींबू का रस इन्फेक्शन को रोकने में भी सहायता करता है। नींबू को काट कर उसे मच्छर काटने वाली जगह पर लगाने से राहत मिलती है। बर्फ- ठंडा तापमान मच्छर के जहर को फैलने से रोकता है। 



    ये मच्छर के लारवा को तुरंत से रोक देती है। प्रभावित जगह पर 10 से 15 मिनट तक बर्फ लगाने से ना तो सूजन होगी और ना ही लाल रंग के निशान दिखाई देंगे। बेकिंग सोडा- बेकिंग सोडा मच्छर के काटने के बाद होने वाली खुजली को तुरंत रोक देता है। एक गिलास पानी में एक चम्मच बेकिंग सोडा मिला लें. एक साफ कपड़े को उसी पानी से गिलाकर मच्छर के काटन वाली जगह पर लगाए। 



    ऐसा करने से मलेरिया होने का खतरा भी नहीं रहता है। एलोवीरा- प्राकृतिक रूप से रोगाणु को रोकने में मदद करता है। इसे लगाने से जल्दी से सूजन कम हो जाती है साथ ही दर्द से भी राहत मिलती है। बाजार से एलोवीरा पेस्ट खरीद लाएं। 



    उसे फ्रीज में 10 मिनट के लिए ठंडा होने दीजिए फिर उसे मच्छर काटने वाली जगह पर लगा लेने से तुरंत आराम मिलेगा। प्याज और लहुसन- प्याज और लहुसन की गंध से मच्छर भागते हैं। 



    इसके रस को स्कीन पर लगाने से पीएच वैल्यू को कंट्रोल कर सुकून देता है। मच्छर काटने वाली जगह पर सीधा लगाने से जल्दी से आराम मिलेगा। नमक- नमक एक एंटीसेप्टिक का काम करता है। नमक में कुछ बूंद पानी मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को लगाने से राहत मिलती है।

    आपने बहुत से लोगों को दूध में छुहारा मिलाकर पीते देखा होगा। अक्सर हमारे दिमाग में सवाल उठता है कि आखिर दूध में छुहारा मिलाकर पीने से क्या फायदा होता है। लेकिन क्या आपको पता है कि दूध में छुहारा मिलाकर पीने से कई तरह की बीमारियां दूर होती हैं। हम आपको बता रहे हैं कि आखिर दूध में छुहारा भिगोकर पीने से क्या फायदे होते हैं। 
    - छुहारों का सेवन करने से कब्ज में आसानी से राहत पाई जा सकती है। इसमें पोटेशियम होता है, इसलिए आप इसका सेवन दूध में डालकर भी कर सकती हैं।
    - इसमें डाइटरी फाइबर पाए जाते हैं इस कारण से पाचन तंत्र मजबूत होता है। इसलिए रोजाना दूध में मिलाकर इसका सेवन करना फायदेमंद होता है। 
    - छुहारे में कैल्शियम, कॉपर, मिनरल्स, मैग्नीज और सेलेनियम होता है, इसलिए छुहारों का सेवन दूध में डालकर करना चाहिए। इससे हमारी हड्डियां मजबूत हो जाती है।
    - छुहारे में होने वाले फाइबर कोलोन कैंसर को दूर करने में मददगार है। इनका सेवन करने से कैंसर का खतरा कम हो जाता है। इसलिए रोजाना दूध में छुहारे डाल कर इनका सेवन करना ना भूलें।
    -अगर बहुत ज्यादा स्लिम हैं तो दूध में छुहारे को भिगोकर पी सकते हैं। छुहारे में कॉपर, मिनरल्स और प्रोटीन होता है, जो कि हमारा वजन बढ़ाने में मददगार है। 
    - छुहारों म फ्लोराइड मिनरल्स होता है, जो कि हमारे दांतों को सडऩे से रोकने के साथ ही उन्हें मजबूत बनाने में मदद करता है।

    तंबाकू नशे का सबसे पुराना तरीका है। जो गुटखा, जर्दा, खैनी, बीड़ी, सिगरेट, हुक्का आदि अनेक रूप में लिया जाता है। दोस्तों की संगत, शौकिया, पारिवारिक माहौल नशे की वजह हैं। यदि नशा लंबे समय से नहीं कर रहे हैं या कम मात्रा में लेते हैं तो लत छुड़ाने में ये नुस्खे कारगर हो सकते हैं।
    आंवला
    100 मिली चुकंदर के रस में बारीक कटे आंवले के टुकड़े इतने डालें कि रस में डूब जाएं। इसमें थोड़ा काला नमक डालें। सभी को मिक्स कर 2-3 दिन छाया में सुखा लें। तंबाकू खाने की तलब होने पर 3-4 टुकड़े मुंह में रखकर चबाएं। इससे तलब कम होगी, पाचन ठीक होगा व भूख बढ़ेगी।
    हरड़
    कब्ज, एसिडिटी, भूख ना लगने जैसे लक्षणों के अलावा हरड़ नशे की तलब कम करने में भी उपयोगी है। कब्ज होने पर आधा से एक चम्मच हरड़ चूर्ण को रात में गुनगुने पानी से लें। नशे की तलब होने पर हरड़वटि या कच्ची हरड़ व आंवला के टुकड़े, सौंफ व इलायची मिलाकर चबाएं।
    अदरक
    अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े कर थोड़े नींबू का रस व कालानमक में मिलाकर धूप में सुखा लें। 1-2 टुकड़े दिन में 3-4 बार चबाने से तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट की तलब कम होगी व एसिडिटी-अपच से राहत मिलेगी।
    मुलहठी
    खांसी, जुकाम में मुलहठी का टुकड़ा मुंह में रखकर चूसें या इसका आधा चम्मच पाउडर शहद में मिलाकर चाटें।
    अश्वगंधा
    हाथ पैर कांपना, कमजोरी, थकान, बदन दर्द, अनिद्रा, तनाव आदि में 3-5 ग्राम अश्वगंधा पाउडर सुबह शाम दूध से लें।
    ये हैं नुकसान 
    तंबाकू नियमित लेने से कैंसर, हृदय रोग, हाई बीपी, एसिडिटी आदि रोग पकड़ लेते हैं।

    सामान्यत : आकर्षक कमर की परिधि नितंब और  वक्षस्थल से 6 -10 इंच कम होनी चाहिए . कद  के  अनुरूप कमर की साइज अलग -अलग हो सकती है . गलत आदतों और देखभाल के आभाव में कमर का आकार बिगड़ जाता है .

    बचाव के उपाय :-
    सुंदरता और सेहत के लिए वज़न का बढ़ना अच्छा नहीं होता। निम्न दिए कुछ विकल्पों को उपयोग में ला के आप वज़न घटने में खुद्की मदद कर सकते हैं।


    • अपने आपको पतला करने के लिए कैसे कपड़े पहनें
    • वह भोजन करें जिसमे फैट कि मात्रा कम एवं प्रोटीन और फिबर की ज़्यादा हो।
    • ज़रूरत से ज़्यादा खाने से बचे।
    • आपके भोजन में क्लोरीन को शामिल करें।
    • रोज़ाना चले पैदल और व्यायाम करें।
    • खेल कूद भी एक अच्छा विकल्प हो सकता हैं।
    • ठन्डे पानी के बजाय हल्का गरम पानी पियें।
    • बदन को ताज़ा और कसा हुआ रखने के लिए भरपूर पानी पियें। कम से कम 10-12 ग्लास पानी रोज़ पीना चाहिए।
    • ज़्यादा जंक फ़ूड खाना भी हानिकारक हो सकता हैं जिससे मोटापा बढ़ता हैं। इससे आपकी भूख बढ़ती हैं और आप ज़रूरत से ज़्यादा भोजन करने पर मजबूर हो जाते हैं।
    • थोड़ी देर आराम भी करें।
    • मोटापे को कम करने के लिए आप रस्सी भी कूद सकते हैं।
    • भोजन के दौरान या तुरंत बाद पानी न पियें। ऐसा करने से कमर का मोटापा बढ़ता हैं। खाने के पूर्व और भोजन के एक घण्टे पश्चात ही पानी पियें। खाना खाने के बाद थोड़ा चले ज़रूर।
    • पतली कमर पाने के उपाय – भोजन का ध्यान रखें


    अपने भोजन का ख़ास ध्यान रखें की यह आपका वज़न घटाने में सहायक हैं या नहीं। सब्ज़ियाँ और ताज़े फल भोजन में एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। इनमें से कुछ भी चुन ने पर आपको मनचाहा शरीर मिल सकता हैं। इसी के साथ आपको कुछ खट्टे फलों का भी सेवन करना चाहिए जैसे संतरा। पॉलिशड अनाज की बजाय सादा अनाज उपयोग में लाएं। इससे आप प्रोटीन और फैट की सही मात्रा का सेवन कर पाएंगे।

    कमर पतली करने का उपाय – पेय पदार्थों की देखभाल (What you drink?)

    महिलाओं की छाती बड़ा और गोलाकार दिखाने के नुस्खे
    कई बार पीने की आदतों की वजह से भी कमर का मोटापा बढ़ जाता हैं। ज़्यादा से ज़्यादा पानी पीने की कोशिश करें तथा पेय पदार्थों में शक्कर की मात्रा को कम करें। चॉक्लेट्स से भी मोटापा बढ़ता है। इसके अलावा कैफीन का उपयोग भी कम करें।

    पतली कमर करने के उपाय – रोज़ाना व्यायाम करें (Exercise regularly se kamar ko patla karne ka tarika)

    यह साबित हो चुका है कि अगर आपको मनचाहा शरीर चाहिए तो आपको रोज़ाना व्यायाम करना ज़रूरी है। एक दिन व्यायाम कर के रोक देने से कुछ असर नहीं होता। स्वस्थ रहने के लिए रोज़ व्यायाम करना आवश्यक होता है। सुन्दर और सुडोल शरीर को प्राप्त करने के लिए कमर, कंधे और जांघो की कसरत ज़रूरी होती है|

    कमर पतली करने का उपाय – मूल पर ध्यान दे (Focus on core)

    अगर आप कार्डियो व्यायाम को अपनाना चाहते है तो अंदरुनी शक्ति पर ध्यान दें जिससे सुन्दर और सुडोल कमर बन सकती है। यह आपके पीठ के दर्द को मिटाने में भी सहायक साबित हो सकता है। आप इससे अपने एब्स और पूरे शरीर को एक सामान सुडोल बना सकते है।

    बैलेंस बॉल (Patli kamar pane ke upay balance ball se)

    अगर आपको सुडोल शरीर चाहिए तो बैलेंस बॉल का सहारा लेना चाहिए। यह आप अपने घर या जिम में कर सकते हैं। यह दोनों महिलाओं और पुरषों के लिए मददगार साबित हो सकता है। इसे लोग बिना बॉल के भी कर सकते है। किन्तु बॉल के साथ करने से परिणाम ज़्यादा अच्छे मिलते है।

    पतली कमर पाने के तरीके (Ways to get slim waist)

    जानें सिर्फ पेट का कैसे करें वजन कम
    खानपान में बदलाव (Alteration to diet)

    अगर आपके द्वारा ग्रहण किये जा रहे भोजन से आपको सही परिणाम प्राप्त नहीं हो पा रहा है तो इसमें परिवर्तन करें। अगर पतली कमर प्राप्त करने में आपका वर्तमान खानपान आपकी सहायता नहीं कर पा रहा है तो अपने स्वास्थ्य प्रशिक्षक से कहें कि आपको खानपान की कोई और सूची प्रदान करे। कई बार कोई ख़ास तरह का भोजन एक ख़ास वर्ग के व्यक्तियों के लिए सही नहीं होता है, पर किसी और वर्ग के लिए यह काफी प्रभावशाली साबित होता है। अतः अपने खानपान में बदलाव लाने की पूरी कोशिश करें।

    कपड़ों का चुनाव (Choice of clothes se patli kamar kaise paye)

    कई बार आपके पहनावे से भी आपके शरीर के ढाँचे पर काफी फर्क पड़ता है। अगर आपका शरीर थोड़ा भारी है पर आप अपनी पतली कमर का प्रदर्शन करना चाहती हैं तो कपड़े के साथ कमर की एक बेल्ट (belt) भी पहनें। इससे आप काफी आकर्षक लगेंगी। भले ही आपकी कमर बड़ी और चौड़ी क्यों ना हो,आपके द्वारा धारण किये गए पहनावे और आभूषणों की वजह से आप दुबली पतली लग सकती हैं।

    शुरुआत सेहतमंद नाश्ते से करें (Healthy breakfast for start)

    अगर आप अपनी कमर का आकार कम करना चाहती हैं तो शरीर के सम्पूर्ण ढाँचे में भी आपको बदलाव करने की ज़रुरत है। कई लोगों की आदत होती है कि वे नाश्ता छोड़ देते हैं। यह बिलकुल गलत बात है और स्वास्थ्य के लिए भी काफी हानिकारक साबित होता है। क्योंकि आपने सारी रात कुछ भी नहीं खाया होता है, अतः यह काफी ज़रूरी है कि आप पेट भरकर नाश्ता करें जिससे कि आप स्वस्थ रह सकें। अगर आपका नाश्ता अच्छा होगा तो इससे आप सारे दिन उर्जावान बने रहेंगे और आपके शरीर के मेटाबोलिज्म (metabolism) में भी वृद्धि होगी। इससे प्राकृतिक रूप से आपकी कमर भी पतली हो जाएगी।

    आप चाहे कितनी भी समझदार मां क्यों ना हो, लेकिन बच्चों को गोद में उठाने के मामले में आप अकसर कुछ ना कुछ गलतियों तो जरूर करती होंगी। इसका सबसे ज्यादा असर आपकी रीढ की हड्डी पर पडता है और कमर दर्द हो जाता है। लेकिन आपको यह भी पता होना चाहिए कि बच्चे को कमर पर लेकर चलना आपकी कमर को कितना नुकसान पहुंचा सकता है। शोधकर्ताओं के द्वारा पता चला है कि कमर दर्द के मरीजों में हर साल लगभग एक करोड मदर्स शामिल होती है। पहले गर्भावस्था, फिर बच्चें को गोद में लेकर चलना और साथ में घर का काम करने से आपको कमर दर्द की समस्या होने की आशंका बढ जाती है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप अपने प्यार-दुलार और जिम्मेदारियों से मुंह मोड लें, लेकिन कुछ बातों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है।
    ज्यादा झुकें नहीं 
    हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि बच्चे को गोद में उठाने के लिए ज्यादा झुकने की वजह से भी आपकी कमर में तकलीफ हो सकती है, इसलिए बेहतर होगा कि आप बच्चे को झुककर उठाने की बजाय खडा होना जानता है, तो उसे खडे होकर उठाएं।
    हील्स पहनें से बचें
    एक या डेढ इंच की ऊंची एडी वाली सैंडल ठीक है, लेकिन इससे जयादा ऊंची एडी की कई मांसपेशियों को छोटा कर सकती हैं। इससे कमर के निचले हिस्से पर खिचांव पडता है।

    बच्चों को हिप्स पर उठाना काफी आरामदायक लगता है, लेकिन लम्बे समय तक ऐसा करने से आप की बॉडी का आकार बिगड सकता है। इतना ही नहीं, इससे आपकी रीढ को सहारा देने वाली मांसपेशियों पर भी जोर पडता है और वे कमजोर हो जाती हैं। इसलिए बेहतर होगा कि आप बच्चे को छाती से चिपकाकर उठाएं और उसकी दोनों टांगें शरीर की दोनों साइड में कर लें।
    ज्यादा वजन से बचें
    कभी एक साथ ज्यादा वजन उठाने की कोशिश ना करें। बेहतर होगो कि बाजार में खरीदारी करते समय ट्रॉली की बजाय टोकरी में सामान इससे आपको अंदाजा रहेगा कि आपने कितने वजन का सामान खरीदा है। साथ ही, एक हाथ में सामान उठाने की बजाय दोनों हाथों में आधा-आधा सामान लें।
    ना डालें कमर पर दबाव
    ज्यादातर नई माताएं अपने बच्चे को दिन में कम से कम 40 मिनट तो उठाती ही हैं, जबकि दो साल पूरे करते-करते उसी बच्चे का वजन 13- से 18 किलो तक हो जाता है। इसलिए जब आप बच्चे को उठाएं, तो इसके लिए कमर पर दबाव ना डालें। यदि आप सम्भलकर बच्चे को उठाएंगी, तो आप कमर दर्द से बच सकती हैं।

    ऐक्सेसाइज करें फिट रहें    
    अकसर यह देखा गया है कि गर्भावस्था के बाद महिलाओं का पेट वाला हिस्सा लटक जाता है और इसका असर रीढ को सहारा देने वाली मांसपेशियों पर भी पडता है। इसके 2-3 साल में दूसरा बच्चा होने के बाद तो मामला और भी बिगड जाता है। इसलिए यदि आप स्वस्थ रहना चाहती हैं, तो हैल्थ को लेकर सजग रहें और नियमित पैदल भ्रमण करें और कसरत भी करें।



    • कच्चे दूध (raw milk) मे हल्दी मिलाकर 20 मिनिट तक माथे पर लगाकर रखे फिर छुड़ा दे |
    • सफेद ब्रेड + नीबू+दही+ठंडा दूध को मिलाकर २० मिनिट तक माथे पर मले फिर धो ले |
    • नीबू का रस+शक्कर+ग्लिसरीन मिलाकर माथे पर रगडे जिससे त्वचा कोमल हो जाएगी और टेन निकल(remove tan) जाएगी |
    • खीरे का रस+नीबू+गुलाबजल मिलाकर लगाए | ये त्वचा को ठंडा कर देगा|
    • मसूर की दाल को भिगो कर पीस ले इसमे एलओवेरा जेल और टमाटर का रस मिलाकर २० मिनिट तक लगाकर रखे फिर धो ले|
    • छाछ और ज़ई का आटा त्वचा के लिए बहुत उत्तम है ये म्रत त्वचा को निकाल देता है |
    • स्ट्राबेरी(strawberry) और मलाई(milk cream) का लेप भी टेन निकालने मे आपकी मदद करेगा |
    • बादाम का तेल+शहद+दूध पावडर को मिलाकर लगाए जो की त्वचा को कोमल बनाएगा और टेन भी निकाल देगा |
    • चंदन का पावडर+नारीयल पानी+बादाम तेल को मिलाकर त्वचा पर २० मिनिट तक लगाकर रखे फिर धो ले |
    • रोजाना नारियल पानी पीए और नारियल की मलाई माथे पर लगाकर मालिश करे |
    • मक्‍के का आटा+नीबू का रस+दही मिलाकर त्वचा पर लगाए |
    • गेहू के आटे को पानी मे मिलाकर त्वचा पर 20 मिनिट तक लगाकर रखे ये त्वचा की रंगत को बढ़ाएगा |

    • आंवला त्वचा का रंग निखारने में मदद करता है। इसके लिए दो से तीन महीने तक रोज कच्चा आंवला या आंवले का मुरब्बा खाएं।
    • रोज सुबह खाली पेट आधा गिलास गाजर का जूस पिएं इससे एक महीने में फर्क दिखाई देने लगेगा।
    • गर्मियों के दिनों में एक बाल्टी गुनगुने पानी में कुछ बूंद नींबू का रस मिलाकर नहाने से त्वचा का रंग निखरता है।
    • रोज सुबह-शाम भोजन करने के बाद सौंफ खाने से ब्लड साफ होता है और त्वचा की रंगत बदलने लगती है।
    • एलोवेरा में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। यह मुंहासों से भी निजात दिलाता है। एलोवेरा की पत्तियों से उसका जेल निकाल लें, अब इस जेल को कॉटन की मदद से पूरे चेहरे पर लगा लें और लगभग एक घंटे बाद हल्के गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। ऐसा रोजाना करने से त्वचा में जल्दी फर्क दिखाई देगा।
    • हरी सब्जियों के पानी से चेहरा धोने से भी त्वचा में चमक आती है।
    • गर्मियों में कूलिंग मास्क का प्रयोग किया जाता है। खीरे और मुल्तानी मिट्टी वाले फेस मास्क चेहरे का तरोताजा बनाते हैं साथ ही ठंडक भी देते हैं।
    • एक चम्मच शहद में एक चम्मच पानी मिलाकर चेहरे और गर्दन पर लगाएं। सूख जाने पर पानी से चेहरा धो लें। इससे त्वचा चिकनी और कोमल होगी।
    • पौष्टिक भोजन के साथ ही एक्सरसाइज करने से भी त्वचा में प्राकृतिक निखार आएगा।
    • दूध, शहद, संतरे का रस तथा गाजर का रस अच्छी तरह मिलाकर लेप तैयार कर लें। इससे चेहरे पर धीरे-धीरे मालिश करें। कुछ देर बाद चेहरा धो लें।
    • धूप में निकलने से पहले हमेशा सनस्क्रीन लगाएं। इससे आप सूरज की हानिकारक किरणों से बचेंगी। स्किन टाइप के अनुसार एसपीएफ लोशन लगायें, यह स्किन पर सन स्पॉट्स और रिंकल्स को आने से रोकता है।
    • नियमित रूप से योग को अपने दैनिक कार्यों में शामिल करें। स्वस्थ तन-मन के लिए योग से बेहतर अन्य कोई साधन नहीं है।

    • 9:15:00 PM
    लकवा को पैरालिसिस अटैक या स्ट्रोक भी कहते है जिसकी वजह से व्यक्ति चलने फिरने और लकवा ग्रस्त अंग को महसूस कर पाने की ताकत खो देता है। चेहरे (face) पर lakwa होने से मरीज का मुँह आधा टेढ़ा हो जाता है और बोलने पर मुँह से आवाज नहीं निकलती। जब हमारे शरीर का कोई अंग या फिर पूरे शरीर की मांसपेशियां काम करना बंद कर दे तो उस अवस्था को फालीज, पक्षाघात या फिर लकवा कहते है। अगर पैरालिसिस अटैक शरीर के एक तरफ के हिस्सा पर हुआ है तो इसे अधरंग कहते है जिसमे शरीर का आधा हिस्सा काम करना बंद कर देता है। इस लेख में हम जानेंगे लकवा का उपचार घरेलु उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे अपना कर कैसे करे,
    लक़वा किसी भी उम्र में किसी भी व्यक्ति या महिला को हो सकता है पर अधिकतर ये जादा उम्र के लोगों में देखा जाता है। इस बिमारी  से उबरने में काफी समय लग सकता है और कई बार ये लाइलाज रोग बन जाता है।
    लकवा का उपचार घरेलु उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे

    लकवा के लक्षण क्या है : Paralysis Symptoms
    सिर दर्द होना, चक्कर आना या फिर बेहोश होना।
    शरीर में अकड़न आना, शरीर का कोई अंग बार बार सुन पड़ जाना और हाथ पैर को उठाने में परेशानी आना।
    बात करते वक़्त अटकना, तुतलाना या बोलने में कोई परेशानी होना।
    धुँधला दिखाई देना या कोई चीज़ दो बार दिखाना।

    लकवा होने के कारण : Paralysis Causes
    लकवा होने का सबसे बड़ा कारण है हाई ब्लड प्रेशर (high blood pressure). इसके इलावा खून में थक्का जमना, स्ट्रोक होना , बेड कोलेस्ट्रोल का बढ़ना।
    जाने हाई ब्लड प्रेशर का इलाज कैसे करे

    लकवे का अटैक आने पर अगर मरीज को तुरंत उपचार मिल जाए और खून का जमा हुआ थक्का (blood clot) ठीक हो जाए तो मरीज की स्थिति में जल्दी सुधार हो सकता है और शीघ्र ही रोगी बिल्कुल ठीक भी हो सकता है और अगर खून का प्रवाह फिर से शुरू ना हो सके तो इससे स्थाई लकवा की स्थिति बन सकती है।

    लकवा का उपचार घरेलु उपाय और देसी तरीके से कैसे करे
    1. 2 चम्मच शहद में 5 कलियाँ लहसुन की पीस कर उसका सेवन करने पर एक से डेढ़ महीने में लकवे में आराम मिलने लगेगा। इसके साथ साथ लहसुन की 5 कालियां दूध में उबाल ले और इसका सेवन करे। इस उपाय से ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहेगा और लकवा प्रभावित अंग में भी जान आने लगेगी।
    2. पैरालिसिस के उपचार में मालिश से भी फायदा मिलता है पर किसी भी प्रकार की मालिश को शुरू करने से पहले एक बार डॉक्टर या फिर किसी आयुर्वेदिक वैद की सलाह जरूर ले। कलौंजी के तेल को गुनगुना कर के हलके हाथों से मालिश करे, इसके साथ दिन में 2 से 3 बार एक चम्मच तेल का सेवन भी करे। इस देसी नुस्खे से 30 दिनों में फरक दिखने लगेगा।
    3. 50 से 60 ग्राम काली मिर्च को 250 ग्राम तेल में मिला कर कुछ देर तक गैस पर पकाए। अब इस तेल को गुनगुना करके लकवे प्रभावीत अंग पर पतला – पतला लेप लगाये।
    4. लकवे का इलाज में लहसुन का सेवन बहुत ही असरदार है। लहसुन से उपचार करने के लिए पहले दिन पानी के साथ लहसुन की 1 कली निगल ले, उसके बाद रोजाना एक-एक कली बढ़ाये और पानी के साथ ले, कहने का मतलब है की पहले दिन 1 कली, दूसरे दिन 2, तीसरे दिन 3 और ऐसे करते करते  21वें दिन लहसुन की पूरी 21 कलियां पानी के साथ निगलनी है। 21 दिनों के बाद अब हर रोज एक  – एक  कली कम कर के निगले। इस प्रयोग से अधरंग जैसी समस्या में जल्द फायदा मिलता है।
    5. रोजाना सौंठ और उड़द को उबाल ले और ठंडा होने पर इसका पानी छान कर पिए। हर रोज इस उपाय को करने से लकवे में काफी सुधार होता है।
    6. बारीक पीसी हुई अदरक 5 ग्राम और काली उड़द दाल 10 ग्राम की मात्रा में ले और 50 ग्राम सरसों के तेल में 5 से 7 मिनट तक गरम करे और इसमें 2 ग्राम पिसे हुए कपूर का चूरा डाल दे। हर रोज इस तेल के इस्तेमाल से गठिया और लकवे की बीमारी में गजब का फायदा मिलता है। इस तेल से जोडों की मालिश करने पर दर्द ठीक होता है।
    7. खजूर का गुदा लक़वे से प्रभावित अंग पर मलने से भी आराम मिलता है।
    8. दूध में छुहारा भिगो कर खाने से भी लकवे में फायदा मिलता है, ध्यान रहे एक बार में 4 से जादा छुहारे नहीं खाये।
    9. रात को तांबे के बर्तन में एक लीटर पानी भर कर रख दे और पानी में चाँदी का एक सिक्का भी डाल दे। सुबह खाली पेट इस पाई को पिए और आधे घंटे तक कुछ ना खाए पिए। ये प्रयोग लकवा से रिकवर होने में बहुत फायदा करता है।
    10. लकवे के रोगी को करेला जादा खाना चाहिए, लकवे में करेले के सेवन से भी फायदा मिलता है। लकवे से ग्रस्त व्यक्ति को किसी भी नशीली चीज़ के सेवन से परहेज करना चाहिए और खाने में घी, तेल माँस, मछली का प्रयोग नही करना चाहिए।

    लकवे का इलाज के आयुर्वेदिक नुस्खे

    हर रोज सुबह शाम देसी गाय के शुद्ध घी की 2 बूँदो को नाक में डालने से लकवे में भी बहुत आराम मिलता है और इसके इलावा इस उपाय से बालो का झड़ना बंद होता है, कोमा में गए हुए व्यक्ति की चेतना लौटने लगती है और  दिमाग भी तेज होता है। इस देसी नुस्खे का निरंतर प्रयोग माइग्रेन की बीमारी में रामबाण इलाज का काम करता है।
    लकवे का अटैक आने पर तुरंत तिल का तेल 50 से 100 ग्राम हल्का गर्म करके रोगी को पिला दे और इसके साथ थोड़ा लहसुन चबा चबा कर खाने को दे। अटैक पड़ते ही सिर और लकवा प्रभावित अंग पर सेंक करे।
    काली उड़द को खाने के तेल में डाल कर गर्म कर ले और इसे लकवे से ग्रस्त अंग पर मालिश करे, इससे काफी लाभ मिलता है।
    अगर आप किसी प्रकार की कोई आयुर्वेदिक मेडिसिन लेना चाहते है तो Baba Ramdev पतंजलि स्टोर या फिर किसी पंसारी की दुकान से ले सकते है और अगर होम्योपैथिक दवा लेना चाहते है तो पहले होमियोपैथी डॉक्टर से मिले।

    दवाओं और उपायों के साथ लकवा (पक्षाघात) ठीक करने के लिए प्राणायाम, योगासन और एक्यूप्रेशर करने से भी लाभ मिलता है। शरीर के एक तरफ लकवा हुआ हो तो अनुलोम विलोम प्राणायाम करने  से बहुत  फायदा मिलता है। अधरंग का उपचार के लिए प्राणायाम और योग सिखने के लिए बाबा रामदेव के विडियो देख सकते है।

    सेक्स लाइफ से संतुष्ट नहीं है। अगर आपको लगता है कि आपकी शक्ति इतनी ज्यादा नहीं है कि आप ज्यादा देर तक यौन सुख का आनंद ले सकें, तो अपनाइए कुछ आसान से टिप्स जो आपकी यौन शक्ति को बढ़ाएगा।
    आयुर्वेद और बुजुर्गों के अनुभव के आधार पर हम लाए हैं आपके लिए कुछ खास ऐसे नुस्खे जो ना सिर्फ यौन शक्ति में वृद्धि कर सकते हैं बल्कि इनके प्रयोग से शारीरिक शक्ति और सुंदरता में भी बढ़ोतरी हो सकती है। पेश है आसान और अचूक नुस्खे सेक्स पॉवर बढ़ाने के-
    100-100 ग्राम उड़द व गेहूं का आटा और पिप्पली चूर्ण लेकर उसमें 600 ग्राम शकर की चाशनी और सूखे मेवे मिलाकर लड्डू बनाएं। इसे 30-40 ग्राम की मा‍त्रा में लेकर हर रोज रात को सोने से पहले खाकर ऊपर से दूध पीएं। इसके सेवन से सेक्स संबंधी सभी शिकायतें दूर हो जाती हैं और शारीरिक शक्ति में बढ़ोतरी होती है।
    प्याज को सलाद, सब्जी या अन्य व्यंजन के रूप में सेवन करने से सेक्स की कमजोरी और महिलाओं की माहवारी की अनियमितता दूर होती है।
    पेठे का मुरब्बा बनाकर सुबह-शाम सेवन करने से कामशक्ति बढ़ती है या फिर पेठे के बीज का चूर्ण बनाकर 3-5 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से भी लाभ होता है।
    सेक्स संबंधी स‍‍‍भी विकारों के लिए सिंघाड़े का सेवन रामबाण औषधि है। 5-10 ग्राम सिंघाड़े के आटे को दूध में पकाकर सुबह-शाम सेवन करने सेक्सुअल प्रॉब्लम्स दूर होती हैं। इसका नियमित सेवन सेक्स टॉनिक का काम करता है।
    तुलसी :
    15 ग्राम तुलसी के बीज और 30 ग्राम सफेद मुसली लेकर चूर्ण बनाएं, फिर उसमें 60 ग्राम मिश्री पीसकर मिला दें और शीशी में भरकर रख दें। 5 ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण सुबह-शाम गाय के दूध के साथ सेवन करें इससे यौन दुर्बलता दूर होती है।
    लहसुन :
    200 ग्राम लहसुन पीसकर उसमें 60 मिली शहद मिलाकर एक साफ-सुथरी शीशी में भरकर ढक्कन लगाएं और किसी भी अनाज में 31 दिन के लिए रख दें। 31 दिनों के बाद 10 ग्राम की मात्रा में 40 दिनों तक इसको लें। इससे यौन शक्ति बढ़ती है।
    जायफल :
    एक ग्राम जायफल का चूर्ण प्रातः ताजे जल के साथ सेवन करने से कुछ दिनों में ही यौन दुर्बलता दूर होती है।
    दालचीनी :
    दो ग्राम दालचीनी का चूर्ण सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करने से वीर्य बढ़ता है और यौन दुर्बलता दूर होती है।
    खजूर :
    शीतकाल में सुबह दो-तीन खजूर को घी में भूनकर नियमित खाएं, ऊपर से इलायची- शक्कर डालकर उबला हुआ दूध पीजिए। यह उत्तम यौन शक्तिवर्धक है।
    तुलसी :
    15 ग्राम तुलसी के बीज और 30 ग्राम सफेद मुसली लेकर चूर्ण बनाएं, फिर उसमें 60 ग्राम मिश्री पीसकर मिला दें और शीशी में भरकर रख दें। 5 ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण सुबह-शाम गाय के दूध के साथ सेवन करें इससे यौन दुर्बलता दूर होती है।
    1. दिमाग को चिंता मुक्त रखें
    क्या होगा..कैसे होगा..इस तरह की किसी भी यौन अपेक्षा से अपने दिमाग को पूरी तरह से मुक्त रखें। खुद पर किसी भी तरह का दबाव ना डालें।
    2. लूब्रिकेशन का इस्तेमाल करें
    "द जर्नल ऑफ सेक्शुअल मेडिसिन" की एक रिसर्च के मुताबिक जो पुरुष लूब्रिकेशन और कॉन्डम का इस्तेमाल करते हैं वो ज्यादा देर तक यौन सुख का आनंद उठा पाते हैं।
    3. खुद को लिमिट में ना बांधे
    हफ्ते में एक बार, महीने में एक बार, इस तरह की लिमिट में अपने रिश्ते को ना बांधे। इसकी जगह बार बार सेक्स करें। इससे लंबे समय तक आपका स्टैमिना बना रहेगा।
    4. एक्टिव रहें
    यौन क्रिया में काफी ऊर्जा और मेहनत लगती है। और इस ऊर्जा आपको एक्ससाइज़ करने से ही मिल सकती है। व्यायाम करने से ना सिर्फ आपका स्टैमिना बढ़ता है बल्कि रक्त संचालन भी बेहतर होता है।
    5. ऐल्कॉहॉल से दूर रहें
    अगर आप सेक्स का भरपूर आनंद उठाना चाहते हैं तो शराब और ऐल्कॉहॉल मिक्स्ड ड्रिंक्स से दूर रहें। इनका इस्तेमाल शरीर को कमजोर करता है।
    6. खाने में प्रोटीन लें
    वैसे भोजन का सेवन करें जिसमें प्रोटीन की मात्रा ज्यादा हो। अंडे की सफेदी, दूध, दूध से बनी चीजें, मछली, चिकन इन सब में काफी प्रोटीन होता है।
    7. संतुलित आहार खाएं
    अपनी यौन शक्ति को बढ़ाने के लिए जरुरी है कि आप अपने खान-पान पर पूरा ध्यान दें। अपने खाने में लो फैट वाली चीजों को शामिल करें। फल और सब्जियां ज्यादा खाएं। इससे आपका शरीर स्वस्थ रहेगा और आपकी शारीरिक और मानसिक दोनों शक्ति बढ़ेगी।
    8. तनाव से बचें
    किसी भी तरह के तनाव से दूर रहें। अगर आप स्ट्रेस्ड हैं तो मेडिटेशन करें और अपना मूड बदलें। साथ ही ये भी जरुरी है कि आप अच्छी नींद लें।

    कई ऐसी माएं हैं जो कम दूध होने की वजह से अपने बच्चे को स्तनपान नहीं करा पाती हैं। पारंपरिक रूप से बच्चे के जन्म के बाद, नयी माँ का दूध उतरने के लिए अनुकूल भोजन प्रदान किया जाता है। आज के पोस्ट में, मैं आपको दूध बढ़ाने के लिए १५ सर्वोत्तम आहारों के बारे में बताने वाली हूँ। इन्हें ‘गैलेक्टोगॉग्स’ के रूप में जाना जाता है।
    १. लहसुन
    लहसुन चावल, लहसुन की चटनी, भुना हुआ लहसुन, लहसुन रसम, तिल के तेल में छौंके हुए लहसुन के रूप में लहसुन के सेवन से माँ का दूध बढ़ने में मदद मिलती है। यदि आपका बच्चा चिड़चिड़ा है तो इसे कम मात्रा में लें। लहसुन पाचन तंत्र की सुचारु क्रियाशीलता में सहायता करता है, गैस दूर करता है और खमीर संक्रमण या छाले से बचाता है।
    २. मेथी 
    मेथी में फायटोएस्ट्रोजन पाया जाता है जो एस्ट्रोजन के समान रसायन होता है। इसमें मौजूद एक प्रमुख तत्व डिओसजेनिन स्तन का दूध बढ़ाने करने में कारगर साबित हुआ है। इसे डोसा/चाय के रूप में लिया जा सकता है या पानी के साथ साबुत निगला जा सकता है। इसे बहुत प्राचीन समय से नयी माँओं के द्वारा प्रयोग किया जाता रहा है। मेथी के दाने आयरन, कैल्शियम, विटामिन और मिनरल से भरपूर होते हैं।
    पढ़ें: गर्भावस्था का ९वां महीना Increase Lactation In New Moms
    ३. दूध
    दूध स्तनपान के दौरान माँ के शरीर से समाप्त होने वाले कैल्शियम की भरपाई करने में सहायता करता है, हाइड्रेट करता है और दूध बढ़ाने में भी मदद करता है।
    ४. सैजन की पत्तियां
    केरल में नयी माँओं को भुजिया/सब्जी के रूप में सैजन की पत्तियां दी जाती हैं। यह दूध का उत्पादन बढ़ाने में सहायता करता है।
    ५. ब्राउन राइस 
    यह एक अन्य सर्वोत्तम आहार है जो पर्याप्त दूध उत्पादित कर सकता है। Increase Lactation In New Moms
    ६. जई
    जई में प्रचुर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है और यह दूध के उत्पादन में भी सहायता करता है। नयी माँ के खानपान में जई को प्रतिदिन शामिल किया जा सकता है।
    ७. पालक 
    आयरन से भरपूर पालक दूध का उत्पादन बढ़ाने में भी सहायता कर सकता है।
    ८. मछली 
    मेरा पसंदीदा! सार्डिन और सामन नयी माँओं का दूध बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। इसे करी/काली मिर्च पाउडर के साथ तलकर/ग्रिल के रूप में लिया जा सकता है। मछली को पूर्व प्रसव आहार में भी शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि इसे बच्चों के दिमाग के विकास के लिए अच्छा माना जाता है। Increase Lactation In New Moms
    ९. लौकी 
    दूधी या लौकी भी सहायता करता है। लौकी की प्रजाति की सभी सब्जियां दूध के उत्पादन में वृद्धि करती हैं। लौकी को सब्जी, भुजिया, हलवा, खीर आदि के रूप में लिया जा सकता है।
    १०. पानी
    बहुत सारा पानी हाइड्रेशन में सहायता करता है और नयी माँओं के दूध उत्पादन को बढ़ाता है। प्रत्येक बार स्तनपान कराने से पहले और बाद में माँ को एक गिलास फल का रस या पानी लेना चाहिए।
    ११. चना
    हल्की करी/हमस के रूप में चने का प्रयोग भी किया जा सकता है। प्राचीन मिस्र काल से इसका प्रयोग स्तनपान कराने वाली माँओं के द्वारा किया जाता रहा है।
    १२. बादाम 
    बादाम प्रोटीन और विटामिन ई का प्रचुर स्त्रोत होता है जो दूध उत्पादन में भी सहायता करता है। नयी माएं रात भर भिगाकर रखे गए ३-५ बादाम ले सकती हैं।
    पढ़ें: स्ट्रेच मार्क्स के लिए पमार्स कोको बटर फॉर्मूला मसाज क्रीम
    १३. तिल का तेल और घी 
    केरल में, नयी माँओं के लिए भोजन केवल तिल के तेल में तैयार किया जाता है। इसे नयी माँओं में दूध का उत्पादन बढ़ाने वाला माना जाता है। घी पर्याप्त पौष्टिक तत्व प्रदान करता है और हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायता करता है। यह माँ के दूध के लिए प्रेरक के रूप में भी कार्य करता है। Increase Lactation In New Moms
    १४. तिल 
    तिल में कैल्शियम की उच्च मात्रा मौजूद होती है और यह माँ को बच्चे को अच्छी प्रकार से स्तनपान कराने में सहायता करता है। इसे लड्डू/ चटनी/ साबुत पानी के साथ लिया जा सकता है।
    १५. सोआ बीज, अजवाइन/जीरा और सौंफ भी दूध बढ़ाने वाले आहार हैं।

    केसर महिलाओं में कामेच्छा बढाने में असरदार भूमिका रखती है| इसके रेशों को गरम पानी में १५ मिनिट तक भिगोकर रखें| और फिर इसे चावल के साथ खाएं|

    लहसुन में एलीसिन नाम का एक कंपाऊंड होता है जो शरीर में खून का प्रवाह बढाता है| सेक्स से सम्बंधित प्रायवेट अंगों में रक्त संचरण बढेगा तो कामेच्छा भी बढ़ेगी ही| लहसुन की ३ कुली चबाकर खाएं और मुंह भली प्रकार साफ़ करले डार्क चाकलेट में ऐसा केमिकल होता है जो महिलाओं में पुरुष के प्रति खिंचाव बढाता है| इसीलिये महिलाएं सम्भोग के दौरान डार्क चाकलेट खाना पसंद करती हैं|

    अनुभवी चिकित्सकों का मत है कि मेनोपोज(ऋतु निवृत्ति) के बाद हारमोन संतुलन बिगड जाने से स्त्रियां सेक्स-विमुख हो जाती हैं।उनके पुरुष के प्रति आकर्षण में गिरावट आ जाती है।

    महिलाओं में लगातार सेक्सुअल अराऊजल के बाद भी ओर्गास्म के ना आने को ओर्गेज्मिक डिसआर्डर कहा जाता है। ओर्गास्म फ़ेज तक पहुंचने में जो समय लगता है उसे क्लाईमेक्स कहते हैं। कुछ महिलाएं कभी भी क्लाईमेक्स तक नहीं पहुंच पाती हैं। जबकि कुछ महिलाएं ऐसी होती है जो सिर्फ़ हस्त मैथुन से ही
    क्लाईमेक्स तक पहुंच जाती हैं। कुछ महिलाओं में भगनासा और यौनि को भी सहलाकर उत्तेजित करने की जरूरत पड सकती है। ऐसा करने से महिलाएं अपने पार्टनर के साथ क्लाईमेक्स तक पहुंच जाती हैं।

    बहुत सी स्त्रियों में तो मेनोपोज के पहिले ही काम वासना का स्तर बहुत नीचे आ जाता है। दूसरी और पुरुष का सेक्स ड्राईव बना रहता है।पुरुषों का यौन सक्रियता काल महिलाओं की बनिस्बत ज्यादा लंबा होता है। जो लोग ज्यादा सेक्स-सक्रिय रहते हैं उनके अधिक स्वस्थ रहने की उम्मीद ज्यादा रहती है।

    पुरुषों में अच्छे स्वास्थ्य का संबंध उनकी यौन सक्रियता से जुडा रहता है। स्वस्थ-यौन संबंध पुरुषों और महिलाओं में एक समान नहीं होते हैं। अगर एक पुरुष ५५ साल की उम्र तक पूरी तरह स्वस्थ है और यौन सक्रियता कायम है तो उसके जीवन में यौन सक्रियता ५-७ साल और बढ जाया करती है।
    चिकित्सा विग्यान का सबसे ज्यादा ध्यान पुरुषों के से़क्स ड्राईव को बढाने वाली दवाओं की खोज में लगा हुआ है।

    महिलाओं मे सेक्स के प्रति अनिच्छा( loss of libido) दूर करने वाले तत्वों की खोज भी अहम विषय है यह समझ लेना जरूरी है कि स्त्री हो या पुरुष सेक्स में संतुष्टि का स्तर सबका अलगअलग होता है।
    महिलाओं में सेक्स की ईच्छा को बढावा देने के लिये कुदरती पदार्थों और भोजन का विशेष महत्व है।
    अण्डों में विटामिन बी होता है यह तनाव दूर करता है और हारमोन लेविल मेंटेन रखता है| इससे फर्टीलिटी भी बढ़ती है|

    आम ऊर्जा देने वाला फल है | गर्मी के मौसम में इसे नियमित रूप से खाने से स्त्री में ऊर्जा का संचार होगा  और सेक्स में अच्छा परफार्मेंस करने में सफल होंगी| आम पुरुषों के लिए भी उतना ही लाभदायक है|
    विटामिन ब१ सूखे मेवों और अनाजों में मिलताहै। विटामिन ब२ मुख्यत: केला,ब्रोकोली और मांस में पाया जाता है। विटामिन ब३ रक्त संचार बढाने के लिये और सेक्स हार्मोन की उत्पत्ति में सहायता करता है।
    विटामिन ई सेक्स हार्मोन पैदा करने और परिसंचरण तंत्र को मजबूत बनाता है। यह विटामिन अनाजों ,फ़लों और हरी सब्जीयों में प्रचुरता से पाया जाता है।

    एक मेडीकल रिसर्च का निष्कर्ष है कि वियाग्रा गोली स्त्रियों में सेक्स शक्ति (sex power)बढाने के लिये इस्तेमाल की जा सकती है।लेकिन यह प्रभाव कुछ ही स्त्रियों पर देखने को मिला है। इसे काम क्रीडा में प्रवृत होने के एक घंटे पूर्व लेना चाहिये। शतावर का प्रयोग अच्छे परिणाम देता है। सफ़ेद मूसली स्त्रियों के सेक्स ड्राईव बढाने की बेजोड औषधि है।

    कामोद्दीपक तत्व aphrodisiacs भोजन के माध्यम से प्राप्त करना उचित है। इन तत्वों से स्त्री में टेस्टोस्टरोन.एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टरोन हार्मोन का लेविल संतुलित बनाने में मदद मिलती है। ये हार्मोन स्त्री की लिबिडो याने कामेच्छा बरकरार रखने के लिये उत्तरदायी होते हैं। यहां अब उन पदार्थों का विवेचन करेंगे जिन्हें महिलाओं को भोजन में प्रचुरता से शामिल करने की चिंता रखनी चाहिये-
    केला,स्ट्राबेरी, आम ये फ़ल नियमित लेते रहना चाहिये।स्त्री की लिबिडो वृद्धि करने में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहता है।

    भोजन में गाजर,अदरक,लहसुन और अन्य सब्जीयां शामिल करें।
    सूखे मेवे जैसे बादाम,मूंगफ़ली,छुआरे में कामोद्दीपक तत्व पाये जाते हैं। इनका उपयोग करें।
    सोयाबीन, जौ, अजवाईन,अंडा,मक्खन और मशरूम सेक्स ड्राईव बढाने में सहायक हैं।
    ओमेगा ३ फ़ेट्टी एसीड का कामेच्छा जाग्रत करनेमें विशेष योगदान है।मछलियों में यह तत्व ज्यादा मिलता है। शाकाहारी १५ ग्राम अलसी का तेल रोज लेकर इस तत्व की पूर्ति करें।

    यह भी हो सकता है कि स्त्रियों की सेक्स-विमुखता कारण उनकी जीवन शैली और खान-पान हो। भोजन वस्तुओ में मामूली बदलाव करने से वे भरपूर सेक्स का आनंद लेने में कामयाब हो सकेंगी। संतुष्टिप्रद सेक्स ड्राईव के लिये सबसे महत्वपूर्ण बात शरीर में आदर्श रक्त संचार का होना है।

    शक्ति कमजोरी से पीडित रोगियो को शुरू में 5-5 घंटे के अंतराल से विशेष रूप से ताजा फलो का आधार लेना चाहिए उसके बाद वह पुन: अपनी नियमित खुराक धीरे-धीरे प्रारंभ कर सकते है। रोगी को धूम्रपान , शराब चाय तथा कॉफी के सेवन से बचना चाहिए, और विशेष रूप से सफेद चीनी तथा मैदे या उनसे बने उत्पादो का परहेज करना चाहिए।

    30 ग्राम किशमिश को गुनगुने पानी मे धोए, 200 मिली दूध मे उबाले तथा दिन मे तीन बार सेवन करे। ध्यान रखिए की प्रत्येक बार ताजा मिश्रण तैयार करे। धीरे धीरे 30 ग्राम किशमिश की मात्रा को 50 ग्राम तक करें।

    15 ग्राम तुलसी के बीज और 30 ग्राम सफेद मुसली लेकर चूर्ण बनाएं, फिर उसमें 60 ग्राम मिश्री पीसकर मिला दें और शीशी में भरकर रख दें। 5 ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण सुबह-शाम गाय के दूध के साथ सेवन करें इससे यौन दुर्बलता दूर होती है।

    केला : दिन में खाना-खाने के बाद 2 या 3 पके केले रोजाना नियमित रूप से खाने से शरीर में शक्ति, मांस और चर्बी बढ़ती है। इसका प्रयोग लगातार 2 महीने तक करने से शरीर सुंदर बन जाता है।

    आंवला : लगभग 10 ग्राम की मात्रा में हरे आंवला को लगभग इतनी ही मात्रा में शहद में मिलाकर खाने से मनुष्य के वीर्य-बल में वृद्धि होती है। आंवलों के मौसम में इसका सेवन रोजाना सुबह के समय लगभग 1 से 2 महीने तक करना चाहिए।
    बराबर मात्रा में आंवले का चूर्ण, गिलोय का रस, सफेद मूसली का चूर्ण, गोखरू का चूर्ण, तालमखाना का चूर्ण, अश्वगंध का चूर्ण, शतावरी का चूर्ण, कौंच के बीजों का चूर्ण और मिश्री का चूर्ण लेकर इनका मिश्रण बना लें। अब इस मिश्रण को रोजाना सुबह और शाम को लगभग 10 से 15 ग्राम की मात्रा में फांककर ऊपर से हल्का गर्म दूध पीने से मनुष्य के संभोग करने की शक्ति का विकास होता है। इसको लगातार 3 या 4 महीने तक फायदा होने तक खाना चाहिए।

    किशमिश : सुबह के समय लगभग 25 से 30 किशमिश लेकर इनको गर्म पानी से धोकर साफ कर लें और कच्चे दूध में डाल दें। आधा या एक घंटे बाद उस दूध को गर्म करें। इसके बाद किशमिश को एक-एक करके खा लें और ऊपर से उसी दूध को पी लें। ऐसा करने से शरीर में खून बढ़ता है। इसके अलावा आवश्यकता से अधिक ठंड़ का अनुभव, पुरानी बीमारी, अधिक कमजोरी, जिगर की खराबी और बदहजमी दूर हो जाती है।

    अंगूर : लगभग 25 मिलीलीटर की मात्रा में अंगूर का रस भोजन करने के आधे घंटे बाद पीने से शरीर में खून बढ़ता है। इसके अलावा इसका रस पीने से पेट फूलना, अफारा, दिल का दौरा पड़ना, चक्कर आना, सिरदर्द और भोजन न पचना आदि बीमारियां दूर हो जाती है। इसका सेवन लगभग 2 या 3 हफ्ते तक लगातार करना चाहिए। इसके अलावा इसका सेवन महिलाओं के लिए भी लाभकारी होता है। कमजोर बच्चों को भोजन के बाद अंगूर का रस पिलाना काफी लाभकारी सिद्ध होता है। अंगूर का रस बच्चों के चेहरे को लाल कर देता है।

    पालक : शरीर में कमजोरी आने पर या खून की कमी होने पर लगभग 225 मिलीलीटर की मात्रा में रोजाना पालक का रस पीना चाहिए। इससे चेहरा एक दम गुलाब की तरह लाल हो जाता है। इसके अलावा इसका रस पीने से मानसिक तनाव और हाई ब्लडप्रेशर भी सामान्य रहता है।

    टमाटर : टमाटर का रोजाना सेवन करने से खून शुद्ध रहता है, और खून में वृद्धि होती है। टमाटर खाने से आंखों के रोग, जिगर में किसी तरह की खराबी आने के कारण होने वाली सुस्ती, आंतों के कीड़ें और आमाशय की कमजोरी दूर होती है। टमाटर पाचन क्रिया को बढ़ाता है। पथरी वाले व्यक्ति को टमाटर नहीं खाना चाहिए।

    सौंफ : सौंफ और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को सुबह-शाम भोजन के बाद दो चम्मच लेने से दिमाग तेज होता है। इसका सेवन लगातार एक या दो महीने तक करना चाहिए।
    मालकांगनी :मालकांगनी के बीज, बच, देवदारू और अतीस आदि का मिश्रण बना लें। रोज सुबह-शाम इस मिश्रण को 1 चम्मच घी के साथ पीने से दिमाग तेज और फुर्तीला बनता है।
    मालकांगनी के तेल की 5-10 बूंदे मक्खन के साथ सेवन करने से भी शरीर को लाभ मिलता है।

    धनिया :शक्ति को ऊर्जा भी कहते हैं। यह ऊर्जा मनुष्य को भोजन से मिलती है। परन्तु धनिया इस ऊर्जा को और बढ़ा देता है। इसके लिए आपको खाना खाने के बाद दस दाने धनिया के मुंह में डालने होंगे। इन दानों को दाढ़ों से कुचलकर इसका रस कंठ (गले) के नीचे उतार लीजिए और दानों को थूक देते हैं। ठीक आधा घंटे बाद आप देखेंगे कि आपके शरीर में गर्मी बढ़ गई। यह गर्मी पसीना लाने वाली गर्मी नहीं होती बल्कि यह पाचनक्रिया को सही करने वाली गर्मी होती है क्योंकि जब पाचन क्रिया में वृद्धि होगी तब भोजन समय से तथा ठीक प्रकार से पच जाएगा। इसके बाद रक्त में जो ऊर्जा पैदा होती है वह पूरे शरीर में फुर्तीलापन लाती है।लगभग 3 ग्राम की मात्रा में साबुत सूखे धनिये को पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को ठंड़े पानी और मिश्री के साथ मिलाकर गर्मी के दिनों में पीने से पित्त के कारण होने वाले रोगों से छुटकारा मिल जाता है।

    200 ग्राम लहसुन पीसकर उसमें 60 मिली शहद मिलाकर एक साफ-सुथरी शीशी में भरकर ढक्कन लगाएं और किसी भी अनाज में 31 दिन के लिए रख दें। 31 दिनों के बाद 10 ग्राम की मात्रा में 40 दिनों तक इसको लें। इससे यौन शक्ति बढ़ती है।

    एक ग्राम जायफल का चूर्ण प्रातः ताजे जल के साथ सेवन करने से कुछ दिनों में ही यौन दुर्बलता दूर होती है।
    दो ग्राम दालचीनी का चूर्ण सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करने से वीर्य बढ़ता है और यौन दुर्बलता दूर होती है।
    शीतकाल में सुबह दो-तीन खजूर को घी में भूनकर नियमित खाएं, ऊपर से इलायची-
    शक्कर डालकर उबला हुआ दूध पीजिए। यह उत्तम यौन शक्तिवर्धक है

    5 मिलीलीटर से 10 मिलीलीटर के आसपास पुराने सेमल की जड़ का रस निकालकर व इसका काढ़ा बना लें तथा इसके अंदर चीनी मिला लें। इस मिश्रण को 7 दिनों तक पीने से वीर्य की बहुत ही अधिक बढ़ोत्तरी होती है।
    6 ग्राम विदारीकन्द के चूर्ण में चीनी व घी मिला लें। इस चूर्ण को खाने के बाद इसके ऊपर से दूध पीने से वृद्ध पुरुष की भी संभोग करने की क्षमता कुछ ही दिन में वापस लौट आती है।

    तालमखाने तथा शुद्ध कौंच के बीज के चूर्ण को बराबर-बराबर मात्रा में लेकर इसके अंदर दुगुनी मिश्री मिलाकर इसका चूर्ण बनाकर रख लें। रोजाना के समय में 2 चम्मच चूर्ण (लगभग 10 ग्राम के आसपास) को ताजे दूध के साथ मिलाकर खाने से सेक्स क्रिया करने की शक्ति सें आई कमजोरी भी नष्ट हो जाती है।

    तालमखाने के बीज, गोखरू, शुद्ध कौंच के बीज, शतावरी, कंघी का जड़ तथा नागबला- इन सबको बराबर-बराबर की मात्रा में ले लें। इनको लेकर कूट-पीसकर इनका चूर्ण बनाकर रख लें। रात के समय में इस चूर्ण की 6 ग्राम की मात्रा को दूध के साथ प्रयोग करें। इस चूर्ण का सेवन करने से पुरुष कमजोरी दूर हो जाती है तथा व्यक्ति संभोग करने में काफी निपुण हो जाता है।

    6 ग्राम गोखरू का चूर्ण और काले तिल 10 ग्राम को बराबर मात्रा में लेकर इसे 250 मिलीलीटर बकरी के दूध में उबालकर तथा उसे ठंडा करके शहद को मिलाकर खाना चाहिए। इसका सेवन करने से हैंडप्रैक्टिस से क्रिया में आई कमजोरी भी समाप्त हो जाती है।

    100ग्राम इमली के बीजों को लेकर उन बीजों को पानी में भिगोकर 4-5 दिनों के लिए रख दें तथा पाचवें दिन उन बीजों का छिलका उतारकर उनका वजन करके देखें। उनका वजन करने के बाद उनके वजन से दुगुना पुराने गुड़ (देशी ) को लेकर उन बीजों में मिलाकर रख दें। इसके बाद इन्हें बारीक पीसकर अच्छी तरह से घोट लें तत्पश्चात इस मिश्रण की चने के बराबर बारीक-बारीक गोलियां बना लें। सेक्स क्रिया शुरू करने के 1 से 2 घंटे पहले दो गोलियों को खा लें। इसका सेवन करने से सेक्स शक्ति में अजीब की शक्ति आ जाती है। कई लोगो पे आजमाया गया नुस्खा है काफी लोगो की से छमता में वृधि हुई है और सार्थक परिणाम की प्राप्ति हुई है - ठण्ड के मौसम में कभी-कभी बीजो को फूलने में जादा समय लग सकता है

    500 ग्राम विधारा और 500 ग्राम नागौरी असगंध- इन दोनों को ले लें। फिर इसे अच्छी तरह से कूट-पीसकर तथा इसे छानकर रख लें। सुबह के समय रोजाना इस चूर्ण को 2 चम्मच खा लें। उसके बाद ऊपर से मिश्री मिला हुआ गर्म-गर्म दूध को पी लें। इस चूर्ण का इस्तेमाल करने से बुजुर्ग व्यक्ति भी जवानों के समान संभोग करने में निपुण हो जाता है।

    संतरा : 1 गिलास संतरे का रस रोजाना दो बार कुछ सप्ताह तक पीते रहने से शरीर में ताकत आ जाती है। जो बच्चे बोतल से दूध पीते हैं कमजोर होते है, उनके लिए संतरे का रस बहुत लाभदायक होता है।

    सफेद पेठा : भोजन करने के बाद पेठे की मिठाई खाने से शरीर मजबूत और ताकतवर बनता है। पित्त विकार में 2-2 पेठे के टुकड़े रोजाना खाने से लाभ होता है।

    पुनर्नवा : पुनर्नवा को दूध के साथ खाने से शरीर मजबूत और ताकतवर बनता है।

    फालसा : पके फालसे का सेवन करने से शरीर मजबूत और ताकतवर बनता है। यह हृदय रोग और रक्तपित्त या खूनी पित्त में भी काफी हितकारी होता है।

    पपीता : बच्चों को रोजाना पपीता खिलाने से उनकी लम्बाई बढ़ती है और शरीर मजबूत तथा सेहत सही बनी रहती है।

    अर्जुन : अर्जुन बलकारक है तथा अपने लवण-खनिजों के कारण हृदय की मांसपेशियों को सशक्त बनाता है। दूध तथा गुड़, चीनी आदि के साथ जो अर्जुन की छाल का पाउडर नियमित रूप से लेता है, उसे हृदय रोग, जीर्ण ज्वर, रक्त-पित्त कभी नहीं सताते और वह चिरजीवी होता है।


    वियाग्रा आज की सर्वाधिक प्रचलित सेक्सुअल पावर बढाने वाली दवा है लेकिन इससे होने वाले दुष्परिणाम भी बहुत ज्यादा हैं इसलिए यहाँ ऐसे भोजन पदार्थो का जिक्र करेंगे जो वियाग्रा की तरह असर पैदा कर कामेच्छा बढाने में मदद करते है और किसी तरह का कोई नुक्सान भी नहीं होता है सेक्स क्षमता को बढ़ाने के लिए कुछ प्रयोग ऐसे भी हैं जो सेक्स शक्ति को अधिक रुप से बढ़ाने के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध हुए हैं।
    मेवे के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए महान हैं, वे खराब कोलेस्ट्रॉल को खत्म करने की वजह से, रक्त परिसंचरण में सुधार लाता है , लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को प्रोत्साहित करने और तनाव को कम करता है और अधिक से अधिक यौन शक्ति बढाता है

    लहसुन
    लहसुन में कामोत्तेजक गुण होते हैं| इससे शरीर में रक्त संचालन सुधरता है | सम्भोग से जुड़े अंगों में रक्त परिवहन बढ़ने से कामेच्छा में इजाफा होता है

    अंडा
    स्वस्थ होने के अलावा, उबले अंडे को बढ़ाने के लिए आदर्श होते हैं यौन भूख.और इस संघटक विटामिन B5 और बी -6 में समृद्ध है, दो पदार्थों संतुलन हार्मोन का स्तर और हमें तनाव कम करने के लिए आराम करने के लिए मदद.

    भिन्डी
    भिन्डी में विटामिन्स और जिंक की मात्रा होती है | जिंक की कमी से सेक्स सम्बन्धी समस्याएँ सामने आती हैं| अत:: भिन्डी का सेवन लाभकारी होता है| भिन्डी के उपयोग से सेक्सपरफार्मेंस सुधारा जा सकता है|

    चुकंदर
    चुकंदर में नाइट्रेट होता है जो उत्पादक अंगों में खून का बहाव ठीक करता है| यह ब्लड वेसल्स को फैलाता है| यह शरीर के हारमोंन को भी संतुलित रखने में सहायक है| अत: कामेच्छा में बढ़ोतरी देखी जाती है|

    टमाटर
    टमाटर में लायकोपिन तत्व होता है जो टमाटर को लाल रंग देता है| यह तत्व कामेच्छा में वृद्धि करता है| यह पुरुषत्व की कमी में भी उपयोगी है| टमाटर प्रोस्टेट केंसर से बचाव में सहायक है|

    गाजर
    गाजर में विटामिन ए की मात्रा अधिक होती है| इससे स्पर्म काऊँट में सुधार होता है| गाजर मर्दानगी घटाने वाले कारणों से निपटता है| एक शोध में बताया गया है कि गाजर खाने वाले पुरुष स्त्रियों के आकर्षण का केंद्र होते हैं|

    पालक सूप
    एक कटोरी पालक सूप पीने से कामेच्छा बढ़ती है | यह सेक्स के अंगों के रक्त प्रवाह में सुधार लाती है|

    प्याज
    प्याज कामेच्छा बढाने में बेहद कारगर भोजन पदार्थ है| इसे नियमित खाना अच्छा रहता है| प्याज उत्पादक अंगों की सेहत सुधारता है|

    केले
    केले का प्रतिदिन सेवन करें। इसमें उपस्थित ब्रोमालिन एंजाइम कामेच्छा को बढानेमे मदद करता है। इसके अलावा केले में उपस्थित पोटााशियम और रिबोफल्विन जैसे अन्य तत्व यौन संबंधों के लिए जरूरी ताकत को बढाते है।

    अंजीर
    अंजीर को दैनिक भोजन में इस्तेमाल करें, इसमें उपस्थित अमीनो एसिड कामेच्छा के साथ साथ यौन शाक्ति को भी बढाता है।

    बादाम
    बादाम में उपस्थित वसा एसिड सेक्स के दौरान यौन उतेजना के बढाने में उपयोगी है।
    मखंफलमें उपस्थित विटामिन बी 6 और पोटाशियम तथा asparagus (सूत्मुली,मूसली) में उपस्थित विटामिन ई हार्मोन का बढाते हैं


    पर्सनालिटी तभी आकर्षक लगती है। जब उनका शरीर गठीला और मसल्स मजबूत हो। जिन लोगों की मसल्स मजबूत होती हैं उनका शरीर अपने आप शेप में दिखाई देता है। इसके लिए सिर्फ घंटों जिम में गुजरना ही काफी नहीं है, बल्कि सही डाइट प्लान भी जरूरी होता है।

    खानपान पर यदि पूरी तरह से ध्यान दिया जाए तो मसल्स मजबूत होती हैं और शरीर आंतरिक रूप से ताकतवर बन जाता है। आइए आज जानते हैं हम कुछ ऐसी ही 15 चीजों के बारे में जिनके नियमित सेवन से मसल्स मजबूत हो जाती हैं।

    1. फल और सब्जियां
    मसल्स को मजबूत बनाने के लिए फल और सब्जियों का भरपूर मात्रा में सेवन करना चाहिए। इनमें विटामिन, मिनरल्स और कई पोषक तत्व व प्रोटीन पाए जाते हैं, जो कि मसल्स को मजबूत बनाते हैं।

    2. लो फैट डेयरी उत्पाद
    कम फैट वाले डेयरी उत्पादों जैसे दूध, दही, छाछ आदि में प्रोटीन अधिक मात्रा में होता है। इसीलिए पुरुषों को इनका नियमित सेवन करना चाहिए। एक कप दूध से लगभग 8 मि.ग्रा. कार्निटिन मिलता है। दूध से बनी चीजों में कैल्शियम, विटामिन-ए जैसे आवश्यक पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। इसके अलावा इनमें कार्बोहाइड्रेट और विटामिन डी भी अच्छी मात्रा में मौजूद होते हैं, जिससे मांसपेशियों को मजबूती मिलती है।

    3. ड्राय फ्रूट्स
    ड्राय फ्रूट्स और नट्स दोनों में ही भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। पुरुषों को ड्रायफ्रूट्स का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए। फिर चाहें तो इन्हें कच्चा खाएं या फिर भूनकर खाएं। इनमें फैट्स रेशे, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जिनसे मसल्स मजबूत होती हैं।

    4. अंकुरित अनाज
    अंकुरित अनाज पुरुषों की सेहत के लिए बहुत अच्छे होते हैं। यह पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। साथ ही, यह जिंक जैसे पोषक तत्वों का स्रोत हैं, जो पुरुषों में कमजोरी और नपुंसकता की समस्या कम करने में सहायक होते हैं व मसल्स को मजबूत बनाते हैं।

    5. मूंगफली
    मूंगफली में जिंक के साथ ही भरपूर मात्रा में वसीय अम्ल पाए जाते हैं। ये वसीय अम्ल पुरुषों के लिए फायदेमंद होते हैं। इसके सेवन से पुरुषों में कमजोरी की समस्या दूर हो जाती है।

    6. लहसुन
    लहसुन का सेवन भी पुरुषों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होता है। लहसुन में एंटी-बैक्टीरियल और एंटीवायरल तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। साथ ही, इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी मौजूद होते हैं। यह परिसंचरण तंत्र को भी स्वस्थ बनाता है।

    7. ब्रॉकली
    ब्रॉकली खाने के भी चमत्कारिक लाभ हैं। इसमें पाया जाने वाला आइसोथायोसाइनेट्स यकृत को उत्तेजित करता है। यह उन एन्जाइम्स के निर्माण में सहायता करता है, जो कैंसर उत्पन्न करने वाली कोशिकाओं के प्रभाव को कम करते हैं। इसमें विटामिन-सी भी मौजूद होता है। इसीलिए इसे पुरुषों की सेहत के लिए बेहतरीन औषधि माना गया है।

    8. तुलसी टी
    तुलसी टी का सेवन भी पुरुषों के लिए बहुत अच्छा होता है।तुलसी पत्ते में ओसियाम प्रचूर मात्रा में पाया जाता है। यह कैंसर होने से रोकता है।तुलसी टी रोजाना पीने से पेट, फेफड़ों व आंतों की बीमारियां दूर होती हैं।

    9. आम और पपीता
    आम और पपीता, दोनों में ही भरपूर मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है। आम में अमीनों अम्ल, विटामिन ए, सी और ई, नियासिन, बिटाकेरोटिन, आयरन, कैल्शियम और पोटैशियम पाया जाता है। वहीं, पपीता में पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी व सी के साथ ही एंटीआक्सीडेंट भी मौजूद होते हैं। इन दोनों फलों के छिलकों में बायोफ्लैवेनॉइड्स पाया जाता है। इसीलिए यह फल पुरुषों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

    10. शिमला मिर्च
    शिमला मिर्च भी पुरुषों के लिए फायदेमंद होती है। कुछ शोधों के अनुसार लाल शिमला मिर्च में संतरे के रस के मुकाबले तीन गुना ज्यादा विटामिन सी पाया जाता है। वैज्ञानिकों की मानें तो फ्लैवोनॉइड्स के लिए लाल शिमला मिर्च प्रभावी विकल्प है। फ्लैवोनॉइड्स पुरुषों को सेहतमंद बनाता है।

    11. टमाटर
    टमाटर में लाइकोपीन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। लाइकोपीन पौधों में पाया जाने वाला एक प्राकृतिक रासायनिक पदार्थ है। यह रासायनिक पदार्थ अपने एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है। यह प्रॉस्ट्रेट, फेफड़े और पेट के कैंसर को खत्म करता है। साथ ही, चेहरे की लालिमा और चमक भी बढ़ाता है

    12.अनार
    पुरुषों को अनार का जूस अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। रोजाना एक गिलास अनार का जूस पीने से पुरुषों को प्रोस्टेट की समस्या नहीं होती है।

    13. रागी
    रागी कैल्शियम का सबसे बढिय़ा स्रोत है। यह पुरुषों को ऑस्टियोपोरेसिस से बचाता है। साथ ही, यह जिंक तथा रेशे का भी अच्छा स्रोत है। इसके नियमित सेवन से डिसलिपिडीमिया, डायबिटीज और मोटापे से बचा जा सकता है।

    14. कद्दू
    कद्दू भी पुरुषों के लिए लाभदायक होता है। इसमें रेशे, विटामिन, खनिज और कई स्वास्थ्यवर्धक एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसके इन्ही गुणों के कारण इसके नियमित सेवन से ताउम्र स्किन जवां बनी रहती है।

    15. सोया
    सोया में मौजूद आइसोफ्लैवोन्स प्रॉस्ट्रेट की रक्षा करते हैं। यह प्रॉस्ट्रेट कैंसर के खतरे को कम करते हैं। रोजाना 25 ग्राम सोया प्रोटीन के सेवन से कोलेस्ट्रॉल स्तर को भी कम किया जा सकता है।

    जिन पुरुषों के शरीर में शुक्राणुओं के बनने का सिलसिला कम हो जाए अथवा वीर्य पतला होने की शिकायत हो, उन्हें इस फार्मूले को आजमाकर देखना चाहिए। सन 2005 में बीएमसी कोम्प्लीमेंट्री अल्टरनेटीव मेडिसिन नामक जर्नल में प्रकाशित एक शोध के परिणामों पर भी नज़र डाली जाए तो जानकारी मिलती है कि नटमेग यानी जायफल क्लिनिकल तौर पर सेक्सुअल एक्टिविटी को सकारात्मक तौर से बढ़ाता है।

    जायफल थकान और तनाव दूर करने के लिए भी जाना जाता है। इससे एकाग्रता बढ़ती है जिससे बच्चे स्कूल में अधिक एकाग्र हो कर पढ़ाई कर सकते हैं।
    जायफल का 2 ग्राम चूर्ण + 2 ग्राम मिश्री मिला रोजाना सुबह शाम फ़ांकी मारने से शरीर पुष्ट बनता है ! जिन पुरुषों के शरीर में शुक्राणुओं के बनने का सिलसिला कम हो जाए अथवा वीर्य पतला होने की शिकायत हो - उन्हें फार्मूले को आजमाकर देखना चाहिए जायफल सेक्सुअल एक्टिविटी को
    सकारात्मक तौर से बढ़ाता है !
    दर्द निवारक : जायफल दर्द की पीड़ा को शांत करने में अग्रणी है। प्राचीन चीनी औषधियों में जायफल शीर्ष पर रहता आया है। जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों के दर्द ऑर्थ्रराइटिस के दर्द के छुटकारा पाने के लिए आज भी जायफल के तेल को उम्दा माना जाता है।
    अपच की पीड़ा : जायफल अपच दूर करने के लिए हमारे देश में सदियों से इस्तेमाल किया जाता है। डायरिया, कब्ज, उबकाई आने की समस्या का निवारण जायफल से किया जाता है। अपानवायु के निस्तारण के लिए भी जायफल का प्रयोग होता है। मुंह की बदबू : मुंह की बदबू को जायफल के पावडर के प्रयोग से दूर किया जा सकता है। जायफल में एंटिबैक्टेरियल प्रॉपर्टी होती है जिससे मुंह में मौजूद कीटाणुओं का सफाया हो जाता है। यही वजह है कि जायफल कई ब्रांड के टूथपेस्टों में जम कर इस्तेमाल किया जाता है।
    लीवर और किडनी शुद्ध होगी जायफल से : शरीर से विषैले पदार्थ हटते ही मरीज फिर पटरी पर लौट आता है। कई तरह के विषैले पदार्थ भोजन के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं। दूषित जलवायु, तनाव, तंबाकू सेवन, शराबखोरी से भी जटिल विषैले पदार्थ शरीर में रह जाते हैं। इससे छुटकारा पाने में मदद करता है जायफल। इससे लीवर और किडनी दोनों की शुद्धि होती है। लीवर के रोगियों के लिए जायफल एक औषधि के तौर पर प्रयोग की जाती है। किडनी स्टोन्स से भी जायफल छुटकारा दिला सकता है।
    कई बार त्वचा पर कुछ चोट के निशान रह जाते हैं तो कई बार त्वचा पर नील और इसी तरह के घाव पड़ जाते हैं। जायफल में सरसों का तेल मिलाकर मालिश करें। जहां भी आपकी त्वचा पर पुराने निशान हैं रोजाना मालिश से कुछ ही समय में वे हल्के होने लगेंगे। जायफल से मालिश से रक्त का संचार भी होगा और शरीर में चुस्ती-फुर्ती भी बनी रहेगी।
    जायफल का 2 ग्राम चूर्ण + 2 ग्राम मिश्री मिला रोजाना सुबह शाम फ़ांकी मारने से शरीर पुष्ट बनता है जायफल के लेप के बजाय जायफल के तेल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
    दांत में दर्द होने पर जायफल का तेल रुई पर लगाकर दर्द वाले दांत या दाढ़ पर रखें, दर्द तुरंत ठीक हो जाएगा। अगर दांत में कीड़े लगे हैं तो वे भी मर जाएंगे।
    पेट में दर्द हो तो जायफल के तेल की 2-3 बूंदें एक बताशे में टपकाएं और खा लें। जल्द ही आराम आ जाएगा।
    जायफल को पानी में पकाकर उस पानी से गरारे करें। मुंह के छाले ठीक होंगे, गले की सूजन भी जाती रहेगी।
    जायफल को कच्चे दूध में घिसकर चेहरें पर सुबह और रात में लगाएं। मुंहासे ठीक हो जाएंगे और चेहरे निखारेगा।
    एक चुटकी जायफल पाउडर दूध में मिला कर लेने से सर्दी का असर ठीक हो जाता है। इसे सर्दी में प्रयोग करने से सर्दी नहीं लगती।
    सरसों का तेल और जायफल का तेल 4:1 की मात्रा में मिलाकर रख लें। इस तेल से दिन में 2-3 बार शरीर की मालिश करें। जोड़ों का दर्द, सूजन, मोच आदि में राहत मिलेगी। इसकी मालिश से शरीर में गर्मी आती है, चुस्ती फुर्ती आती है और पसीने के रूप में विकार निकल जाता है।
    प्रसव के बाद अगर कमर दर्द नहीं ख़त्म हो रहा है तो जायफल पानी में घिसकर कमर पे सुबह शाम लगाएं, एक सप्ताह में ही दर्द गायब हो जाएगा।
    फटी एडियों के लिए इसे महीन पीसकर बीवाइयों में भर दीजिये। 12-15 दिन में ही पैर भर जायेंगे।
    जायफल के चूर्ण को शहद के साथ खाने से ह्रदय मज़बूत होता है। पेट भी ठीक रहता है।
    अगर कान के पीछे कुछ ऎसी गांठ बन गयी हो जो छूने पर दर्द करती हो तो जायफल को पीस कर वहां लेप कीजिए जब तक गाठ ख़त्म न हो जाए, करते रहिये।
    अगर हैजे के रोगी को बार-बार प्यास लग रही है, तो जायफल को पानी में घिसकर उसे पिला दीजिये।
    जी मिचलाने की बीमारी भी जायफल को थोड़ा सा घिस कर पानी में मिला कर पीने से नष्ट हो जाती है।
    इसे थोडा सा घिसकर काजल की तरह आँख में लगाने से आँखों की ज्योति बढ़ जाती है और आँख की खुजली और धुंधलापन ख़त्म हो जाता है।
    यह शक्ति भी बढाता है।
    जायफल आवाज में सम्मोहन भी पैदा करता है।
    जायफल और काली मिर्च और लाल चन्दन को बराबर मात्रा में लेकर पीसकर चेहरे पर लगाने से चेहरे की चमक बढ़ती है, मुहांसे ख़त्म होते हैं।
    किसी को अगर बार-बार पेशाब जाना पड़ता है तो उसे जायफल और सफ़ेद मूसली 2-2 ग्राम की मात्र में मिलाकर पानी से निगलवा दीजिये, दिन में एक बार, खाली पेट, 10 दिन लगातार।
    बच्चों को सर्दी-जुकाम हो जाए तो जायफल का चूर्ण और सोंठ का चूर्ण बराबर मात्रा में लीजिये फिर 3 चुटकी इस मिश्रण को गाय के घी में मिलाकर बच्चे को सुबह शाम चटायें।
    चेहरे पर या फिर त्वचा पर पड़ी झाईयों को हटाने के लिए आपको जायफल को पानी के साथ पत्थर पर घिसना चाहिए। घिसने के बाद इसका लेप बना लें और इस लेप का झाईयों की जगह पर इस्तेमाल करें, इससे आपकी त्वचा में निखार भी आएगा और झाईयों से भी निजात मिलेगी।
    चेहरे की झुर्रियां मिटाने के लिए आप जायफल को पीस कर उसका लेप बनाकर झुर्रियों पर एक महीने तक लगाएंगे तो आपको जल्द ही झुर्रियों से निजात मिलेगी।

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