चक्कर आना
=======
* सुबह-शाम 1 ग्राम कालारस तथा 1 ग्राम नागर बेल के पान में खाने से चक्कर आना बंद हो जाता है।
* सिर चकराने पर आधा गिलास पानी मे ंदो लोैंग उबालकर उस पानी को पीने से लाभ मिलता है।

जलने पर
==========
* आग से जले हुए अंग को पानी के अन्दर आसानी से डुबोया जा सके तो जलने पर सादा या ठण्डे जल में वह हिस्सा तब तक डुबोए रखें जब तक जलन बिल्कुल शान्त न हो जाये। इस तरीके से छाला नहीं पड़ेगा और घाव भी जल्द ठीक हो जाएगा।
* नारियल को घिसकर जले हुए भाग पर लगाने से जले के निशान मिट जाते हैं।

दाँत दर्द
=========
* नागकेशर चूर्ण, लोध्र, लाल चंदन एवं मुलेठी-इन सबको बराबर मात्रा में मिलाकर कपड़छन चूर्ण बनाने के बाद इस चूर्ण में शहद मिलाकर मंजन करने से पायरिया रोग ठीक हो जाता है।
* दाँत के दर्द में राई चूर्ण को मलनेे से आराम मिलता है।
-------------
मेरा हमेशा से यह प्रयास रहता है कि मैं अपने अनुभव को आपसे बांटू जिन्हें मैंने श्रेष्ठ संतों से प्रसाद स्वरूप पाया है हां मानना न मानना आपकी मर्जी है और Second Opinion लेना आापका अधिकार है, ये हमेशा याद रखें। परमात्मा से प्रार्थना करता हूं कि आप सुखी रहे और यह शोध आपके काम आए।


Categories

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी https://desinushkhe.blogspot.in/ की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।
Powered by Blogger.

Follow by Email