• 8:33:00 PM


आखें शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है तभी वेदों में भी कहा गया है सभी इंद्रियों में आंखें ही श्रेष्ठ हैं। आंखों की रोशनी कम होने की वजह है भोजन में विटामिन ए की कमी, जिस वजह से छोटी उम्र से ही आंखें कमजोर होने लगती है।
दूसरी वजह घंटों कंप्यूटर पर बैठकर काम करना या टेलीविजन देखना।
तीसरी वजह आंखों की सफाई पर ध्यान न देना।
ये कुछ वजह हैं जो आंखों की रोशनी को कम करती हैं और आपको चश्मा लगाने के लिए विवश करती है।
आइए आप को बताते हैं एैसे आयुर्वेदिक उपाय जो आपकी आंखों की रोशनी को बढ़ायेगा-




1. प्रतिदिन पपीता खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
2. सेब का मुरब्बा खायें और उसके बाद दूध का सेवन करें एैसा करने से आंखों की रोशनी तेज होती है।
3. प्रतिदिन फल और सब्जियों का सेवन करने से आंखों की शक्ति बढ़ती है।
4. प्रतिदिन यदि आप गाजर का जूस पीयें तो आंखों की रोशनी बढ़ेगी।
5. सेब के सेवन करने और उसका जूस पीने से आंखों की ज्याति तेज होती है।
6. काली मिर्च का चूर्ण, घी और मिश्री मिलाकर रोज सेवन करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
7. प्रतिदिन नहाने से पहले पांवों के अंगूठे में तेल मलकर नहाने से आंखों की रोशनी प्रबल होती है।
8. सुबह जल्दी उठकर पार्क में ओस पड़ी घास में नंगे पैरों से चलने से कमजोर आंखें तेज होती है।
9. सुबह उठकर मुंह में ठंडा पानी भरकर मुंह को फुलायें और ठंडे पानी से आखों में छीटें मारें।
10. हरे धनिया को पीसकर उसका रस निकाल लें और उसे साफ कपड़े में छान लें और इसकी 2-2 बूंदें आंखों में डालने से दुखती आंखे ठीक होती हैं।

आंखों का ध्यान रखने का कुछ और उपाय-
1. कंप्यूटर पर काम करते समय स्क्रीन पर लगातार न देखें। 20 मिनट के अंतराल पर स्क्रीन से आंखे हटा लें एैसा करने से आंखों को आराम मिलता है।

2. आंखों को धूप से बचाने के लिए आप यूवी प्रोटेक्टव लैंस वाले चश्में का प्रयोग करें।
3. 1 मिनट में कम से कम 10 से 12 बार आंखों की पलकें झपकाते रहें। एैसा करने से आंखें रूखी नहीं रहती हैं।
4. लेटकर या झुककर पढ़ना भी आंखों के लिए ठीक नहीं है। पढ़ते समय प्रकाश पीछे से आना चाहिए।
5. चलती हुई बस या गाड़ी में किताब पढ़ने से आखें खराब हो जाती है।
6. नींद कम लेने से भी आंखों पर बुरा असर पड़ता है, कम से कम 7 घंटे की नींद जरूर लें।
7. टीवी या कंप्यूटर को अधिक पास से न देखें।
इन उपायों का प्रयोग करने से आपकी आखों की रोशनी बढे़गी।


Categories

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी https://desinushkhe.blogspot.in/ की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।
Powered by Blogger.

Follow by Email