● अमरीशा वोहरा जब 19 साल की उम्र में कॉलेज में पढ़ती थी तब मोटी होने के कारण बदसूरत लगती थी। उनके इस मोटापे को लेकर सभी दोस्त उनका मजाक उड़ाते थे। उस वक्त अमरीशा का वज़न 70 किलो था और अब वह 47 किलो की हैं। बढ़ते हुए मोटापे से डरकर और लोगों के मजाक से तंग आकर उन्होंने वज़न कम करने का निर्णय लिया। चलिये जानते हैं कि कैसे उन्होंने ऐसे असंभव काम को संभव किया।
Q:- कैसे आपका वज़न बढ़ा?
जब मैं छोटी थी, तब गोलू-मोलू थी और लोग मुझे प्यार से क्यूट कहते थे। चौदह साल के उम्र तक यह सब नाम अच्छा लग रहा था लेकिन जैसे ही मैंने सोलहवें साल में कदम रखा लोग मुझे मोटी कहकर पुकारने लगे। लेकिन मैं खुद को मोटी नहीं समझती थी। कॉलेज जाते ही जंक फूड खाने की सबसे बूरी आदत ने मुझे पकड़ लिया। मैं हर रोज बर्गर, पेस्ट्री और चिप्स खाती रहती थी। इसी बूरी आदत के कारण मेरा वज़न 46 किलो से 70 किलो हो गया।
Q:- आपको वज़न घटाने की प्रेरणा कैसे मिली?
मुझे खुद एहसास होने लगा कि मेरे इस मोटापे का असर मेरे हेल्थ पर पड़ रहा है। मुझे हार्मोन प्रोबलेम होने लगा, जिसके कारण एक्ने वल्गराइस (acne vulgaris) हो गया,जो मेरे मुहांसे का ही एक भयानक रूप है। मेरे पूरे चेहरे पर लाल-लाल दाग हो गए। जब मैं डॉक्टर के पास गई तो सबसे पहले ही उन्होंने मुझे वज़न कम करने के लिए कहा। मेरे आस-पास के लोग सब मुझे मोटी कहने लगे। लेकिन इन बातों पर मैं ज्यादा ध्यान नहीं देती थी। एक दिन मेरे ही एक रिश्तेदार ने मुझे आश्चर्य से देखकर कहा कि ‘हे भगवान, क्या हो गया है तुम्हें? पहले तुम कितनी अच्छी लगती थी’। ऐसा सुनकर मैं ठगी –सी रह गई। मेरे कान में उनकी बात गूंजने लगी। मेरा आत्मविश्वास अपने ऊपर से उठ गया। उस वक्त मैंने वज़न घटाने की बात मन में ठान ली।
Q:- आपका एक्सरसाइज प्लान क्या था?
मेरा मानना था कि फिट रहने के लिए 40% एक्सरसाइज और डायट के लिए 60% पर होना था। मैं धीरे-धीरे वज़न कम करना शुरू की। दिन में एक घंटा वाक करती थी लेकिन एक महीने के बाद इस वर्कआउट को करना मुश्किल हो गया।
• मैं अपने दिन की शुरूआत 20-25 मिनटों तक दौड़ने से करती थी। उसके बाद शाम को एक घंटा तक वाक करती थी या एरोबिक्स करती थी।
• रात को फिर तीस मिनट तक वाक करती थी।
• सीढ़ियों से चढ़ती थी और यहाँ-वहाँ पैदल चल कर जाती थी।
जैसा यह सुनने में आसान लग रहा है, उतना ही इस रेज़िम पर बने रहना मुश्किल होता है। लेकिन मैंने यह काम आठ महीने तक किया बिना एक दिन छोड़े। हाँ, इसके साथ हेल्दी डायट ने भी बहुत अच्छी तरह से काम किया। मेरा एक्ने का प्रोबलेम कम होने लगा और मैं ज्यादा यूथफूल दिखने लगी। मैंने 23-24 किलो वज़न घटाया और अब मेरा वज़न 47-48 किलो है जो मेरे हाइट (5’2″) के लिए बिल्कुल सही है।
Q:- क्या आपने किसी खास डाइट को फॉलो किया था?
मैं भूखे रहना पसंद नहीं करती हूँ। सबसे पहले मैंने जंक फूड जैसा गंदा खाना खाना छोड़ा। मैं दिन की शुरूआत दो गिलास पानी पीकर करती हूँ और अपने डायट में जितना हो फ्रेश फ्रूट जूस पीने की कोशिश करती हूँ। मैंने अपने डायट में कार्बोहाइड्रेड को कट करके प्रोटीन को शामिल किया है। कार्बोहाइड्रेड बूरा नहीं होता है, मैं अपने डायट में सेब, ब्रोक्ली, एसपैरागस, स्ट्रॉबेरी, ओटमील और होलग्रेन लेती हूँ। वाइट ब्रेड और वाइट राइस जैसे कार्ब फूड को नहीं खाने की कोशिश करती हूँ जो शुगर में बदल जाता है। मैं अपने मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने की कोशिश करती हूँ, दिन में 5-6 बार खाती हूँ। ब्रेकफास्ट में ज्यादा खाती हूँ और उससे कम लंच में और डिनर में उससे भी कम। इसके बीच भूख लगा तो सलाद, स्प्राउट या फल खाती हूँ। मैं घी और मक्खन के जगह पर ऑलिव ऑयल इस्तेमाल करती हूँ। मैं समय पर खाती हूँ। ये छोटे-छोटे ट्रिक बहुत काम करते हैं।
Q:- अब आप जब वज़न घटा चुकी हैं तो, इस शेप को बनाये रखने के लिए क्या करती है?
मैं दो साल से इस वज़न को मेनटेन कर रही हूँ। मैं तीस मिनट तक दौड़ती हूँ (लगभग 5 km) ,इसके साथ हिट, स्ट्रेंथ, प्लांक, पुश अप्स, क्रंचेस, लंग्स और स्क्वाट करती हूँ। मैं ऑनलाइन फिटनेस चैनल जैसे जिलियन माइकेल एंड फिटनेस ब्लेंडर फॉलो (Jillian Michaels and Fitness blender) करती हूँ। इनको करने से स्ट्रेस कम होता है। मेरा कॉन्सनट्रेशन लेवल भी बढ़ गया है और मैं अपने मिज़ाज़ को कंट्रोल में रख पाती हूँ। सबसे अच्छी बात यह है कि इससे मेरा खुद पर आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अब मैं अपने हेल्थ को लेकर बहुत सचेत हूँ, जो मेरे लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रहा है।

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