● दिन की शुरुआत अगर अच्‍छी हो तो आप सारा दिन ऊर्जावान और उत्‍साही रहते हैं। दिन की सही और अच्‍छी शुरुआत के लिए जरूरी है कि आप किसी नियम का पालन करें। जैसे, जल्‍दी उठना, सैर पर जाना और ध्‍यान आदि करना। इन सबसे आपको शक्ति और ऊर्जा मिलती है ताकि आप सारा दिन अच्‍छी तरह से काम कर सकें। इससे आता है आपके जीवन में सकारात्‍मक बदलाव।
1) अच्‍छी शुरुआत यानी अच्‍छा दिन :-
कहते हैं कि अगर दिन की शुरुआत अच्‍छी हो, तो सारा दिन अच्‍छा गुजरता है। यह बात बिलकुल सही है। आप नोटिस कीजिए, जिस दिन आप सुबह थके महसूस करते हैं उस दिन ऑफिस में भी अच्‍छे से काम नहीं कर पाते और जिस रोज आपकी सुबह खुशनुमा होती है आप सारा दिन ऊर्जावान महसूस करते हैं। तो अच्‍छे दिन के लिए मॉर्निंग रूटीन होना बहुत जरूरी है।
2) जल्‍दी उठिये :-
पर्याप्‍त नींद जरूरी है, लेकिन आलस्‍य से बुरा तो कुछ नहीं। अपनी नींद में महज 30 मिनट की कटौती कीजिये। आठ घंटे और साढ़े सात घंटे सोने में कोई खास अंतर नहीं। सुबह थोड़ा सा जल्‍दी उठने से आपके पास कई जरूरी काम निपटाने के लिए पर्याप्‍त समय होता है। आप अखबार पढ़ सकते हैं, अच्‍छे से नाश्‍ता कर सकते हैं, ध्‍यान और व्‍यायाम के लिए भी समय निकाल सकते हैं।
3) दिन की शुरुआत आप से :-
बच्‍चों को स्‍कूल छोड़ने, ईमेल के जवाब देने, दफ्तर के लिए जल्‍दबाजी में तैयार होने और काम पर जाने की हड़बड़ी में आपके पास अपने लिए वक्‍त ही कहां होता है। लेकिन, सुबह जल्‍दी उठने से जो वक्‍त बचता है वह आपका अपना वक्‍त होता है। इस वक्‍त आप अपनी मानसिक और शारीरिक सेहत का खयाल रख सकते हैं। इससे आप दूसरों की मदद भी कर सकेंगे।

4) आत्म-विश्‍वास बनाये खास :-
ऐसा माना जाता है कि जो लोग सुबह नियमों के अनुसार चलते हैं, उनमें आत्‍मविश्वास की भावना अधिक होती है। इसके साथ ही वे मानसिक रूप से अधिक दृढ़ होते हैं क्‍योंकि उन्‍हें मालूम होता है कि रोजाना अपना खयाल रखना होता है।
5) धीरे-धीरे आती है पूर्णता :-
आप रोज अपने आपको यह बताते हैं कि आप परफेक्‍ट नहीं हैं। हां, आप किसी काम में महारत हासिल जरूर करना चाहते हैं और इसी वजह से आप रोज एक काम को रोज नियम मानकर करते हैं। याद रखिए परफेक्‍ट लोग किसी काम को गलत होने के बाद दोबारा नहीं करते, वे अकसर उसे छोड़ देते हैं। लेकिन, जब आप किसी काम को सीखने की प्रक्रिया में होते हैं, तो रोज उसमें थोड़ा-थोड़ा सुधार करते हैं। रोज कुछ सुधार करने की प्रवृत्ति आपको बेहतर इनसान बनने में मदद करती है।
6) संयम सिखाता है :-
आज हम किसी काम को करने में नाकाम हुए, लेकिन कल उसे बेहतर करने की कोशिश करते हैं। हम ग‍लतियां करते हैं, लेकिन उनसे चिढ़ने के स्‍थान पर उनमें सुधार करते हैं। इससे हम संयमित होते हैं। हम परिणाम के लिए इंतजार करना सीखते हैं, जो हमारे भविष्‍य में काफी मदद करती है।
7) सुबह करती है रीसेट :-
रात कितनी भी स्‍याह क्‍यों न हो, सुबह का सूरज निकलकर ही रहता है। सुबह हर चिंता का निवारण कर देती है। सवेरा आपको अपने लक्ष्‍य में नये सिरे से जुटने का साहस और हौसला देता है। रोज इस क्रिया को दोहराने से यह ध्‍यान की तरह बन जाता है। यही वह समय होता है जब आप सबसे अधिक रिलेक्‍स होते हैं, आमतौर पर इस समय चिंतायें आपको नहीं घेरतीं।
8) तनाव दूर करे :-
अगर आप सुबह जल्‍दी उठकर व्‍यायाम, प्राणायाम और योग आदि करेंगे, तो इससे आपको तनाव को दूर रखने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही आपके विचार भी स्‍पष्‍ट रहेंगे। और जब आपका मस्तिष्‍क केंद्रित होगा, विचार स्पष्‍ट होंगे तो आप अपने काम में आगे बढ़ पाएंगे।
9) ऊर्जावान बनाये :-
सुबह उठकर एक नियम का पालन करना। व्‍यायाम और योग आदि करने से आप पूरे दिन अधिक ऊर्जावान रहते हैं। आप सारा दिन अधिक मेहनत से अपने काम में जुट जाते हैं। इसके साथ ही आप खुश और सेहतमंद रहते हैं। इससे आपकी सेहत अच्‍छी बनी रहती है

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