● शहद और इलायची भारत में काफी लोकप्रिय खाने की चीजें हैं। दोनों स्वाद के साथ-साथ हमें सेहत भी देते हैं। जहां शहद त्वचा, चोट लगने और एक्जीमा होने पर फायदा पहुंचाती है, वहीं इलायची के सेवन से पाचन में सुधार और मुंह की दुर्गंध से छुटकारा मिलता है।
1) गुणों का भंडार है शहद और इलायची :-
शहद और इलायची गुणों की खान है। इन दोनों का इस्तेमाल भारतीय परिवारों में काफी किया जाता है। लेकिन दोनों से होने वाले फायदों के बारे में लोग ज्यादा कुछ नहीं जानते। शहद और इलायची दोनों जायका बढ़ाने के साथ-साथ आपकी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद साबित होते हैं। आइये एक एक करके दोनों से मिलने वाले फायदे के बारे में जानते हैं। पहले बात करते हैं शहद के बारे में। चिकित्सीय गुणों और प्राकृतिक अच्छाई से भरपूर शहद का उपयोग बहुत पहले से ही त्वचा और हर प्रकार की शारीरिक देखभाल के लिए किया जाता है। शहद में जो मीठापन होता है वो मुख्यतः ग्लूकोज़ और एकलशर्करा फ्रक्टोज के कारण होता है। शहद में ग्लूकोज व अन्य शर्कराएं तथा विटामिन, खनिज और अमीनो अम्ल भी होता है जिससे कई पौष्टिक तत्व मिलते हैं जो घाव को ठीक करने और ऊतकों के बढ़ने के उपचार में मदद करते हैं। आइये जानते हैं शहद के चार मुख्य लाभ।
2) निखारे त्वचा को :-
शहद ह्यूमेक्टेंट यौगिक से भरपूर होता है। यह त्वचा में नमी को बनाए रखता है जिससे उसकी कोमलता बनी रहती है। यह मृत कोशिकाओं को दूर करता है और झुर्रियों को आने से रोकता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक एंटीआक्सीडेंट पराबैंगनी किरणों से होने वाले नुकसान से त्वचा को बचाते हैं। साथ ही, शहद त्वचा की ऊपरी परत में गहरे तक जाकर छिद्रों को बंद करता है और अशुद्धियों को आने से रोकता है। इसलिए, यह संक्रमण से लड़ने और मुहाँसों की समस्या को रोकने में मदद करता है।

3) घाव भरता है :-
बैक्टीरिया की वजह से कोई भी घाव अधिक समय तक बना रह सकता है। घाव को ठीक करने के लिए उसके बैक्टीरिया को दूर करना होता है। शहद के एंटीबैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल गुण बैक्टीरिया की वृद्धि को रोक देते हैं। इसलिए घाव, कटे, जले हुए स्थानों और खरोंच पर शहद लगाने से काफी फायदा मिल सकता है। साथ ही, शहद मवाद को दूर करने, दर्द को कम करने और तेजी से उपचार के लिए भी उपयोग होता है।
4) एक्जीमा का घरेलू इलाज :-
एक्जीमा त्वचा संबंधी समस्या है। शहद क्षतिग्रस्त त्वचा का उपचार करने और नई त्वचा कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह एक्ज़ीमा, त्वचा की सूजन और अन्य त्वचा विकारों का भी प्रभावशाली तरीके से उपचार करता है।
5) थकान दूर करे :-
शहद में ग्लूकोज और फ्रुक्टोज मौजूद होता है। ग्लूकोज़ और फ्रुकटोज के रूप में कार्बोहाइड्रेट से शरीर को ऊर्जा मिलती है जो सहनशक्ति को बढ़ाती है और थकान को कम करती है। इसलिए जब भी थकान महसूस हो एक चम्मच शहद खा लें, तुरंत ऊर्जा महसूस होने लगेगी।
6) इलायची के लाभ :-
शहद के बाद, अब बात करते हैं इलायची की। इलायची किसी भी भारतीय परिवार में देखे जाने वाले सबसे आम मसालों में से एक है। यह न केवल मीठे और स्वादिष्ट व्यंजनों में डाली जाती है बल्कि एक माउथ फ्रेशनर के रूप में भी इस्तेमाल होती है। आयरन और रिबोफ्लेविन, विटामिन सी तथा नियासिन जैसे आवश्यक विटामिन इलायची के अन्य प्रमुख घटक हैं। आइये जानते हैं इलायची के चार प्रमुख लाभ के बारे में।
7) पाचन में सुधार :-
इलायची की प्रकृति वातहर है और यह पाचन को बढ़ाने, पेट की सूजन को कम करने, हृदय की जलन को दूर करने और मतली को रोकने में मदद करती है। माना जाता है कि यह श्लेष्मा झिल्ली को शांत करती है ताकि वह ठीक से कार्य कर सकें और जिससे अंततः एसिडिटी और पेट की खराबी के लक्षणों से राहत मिलती है। इसके अलावा, आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार यह पेट में जल और वायु के गुणों को कम करती है जिससे वह भोजन को कुशलता से पचाने में सक्षम होता है।

8) मुंह की दुर्गंध से छुटकारा :-
यदि आपके मुंह से दुर्गंध आती है और आप उपचार की हर कोशिश कर चुके हैं तो एकबार इलायची आज़माइए। इस मसाले में एंटीबैक्टीरियल गुण, तेज स्वाद और एक भीनी सी महक हैं। इसके अलावा, यह आपके पाचन तंत्र को सुधारती है- जो कि दुर्गंध के प्रमुख कारणों में एक है- यह समस्या के मूल कारण को दूर करने में बहुत प्रभावशाली है। सुझाव: हरबार भोजन के बाद एक इलायची चबाएं। अपने पाचन तंत्र को मजबूत बनाने और डिटोक्सिफाई करने के लिए वैकल्पिक रूप से हररोज़ सुबह इलायची की चाय पी सकते हैं।
9) एसिडिटी में फायदा :-
इलायची में उपस्थित आवश्यक तेल इसे एसिडिटी का प्रमुख उपचार बनाकर आपके पेट की श्लैष्मिक लाइनिंग को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। आपकी लार में वृद्धि करना आपकी मदद करने का एक अन्य तरीका है। इलायची चबाने पर इसमें से आवश्यक तेल निकलते हैं जो आपकी लार ग्रंथियों को उत्तेजित करते हैं जिससे आपका पेट ठीक प्रकार से कार्य करती है जिसके परिणामस्वरूप आपकी भूख में सुधार होता है और एसिडिटी में कमी होती हैं। इलायची के आवश्यक तेल एक ठंडा स्वाद और अनुभूति प्रदान करते हैं जो आपको एसिडिटी से होने वाली जलन को दूर करते हैं।
10) एनीमिया से सुरक्षा :-
तांबा, आयरन और रिबोफ्लेविन, विटामिन सी तथा नियासिन जैसे आवश्यक विटामिन इलायची के अन्य प्रमुख घटक हैं। लाल रक्त कोशिकाओं और सेलुलर उपापचय के उत्पादन में अत्यधिक महत्व के लिए प्रचलित तांबा, आयरन, रिबोफ्लेविन, विटामिन सी तथा नियासिन के साथ एनीमिया से लड़ने में मदद करता है और इस स्थिति में होने वाले लक्षणों से राहत दिलाता है।

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