स्त्री की सुन्दरता तथा यौवन का निखार पुष्ट स्तनों से दिखाई देता है| इसलिए से प्राय: अपना स्तन पुष्ट और कठोर बनाने के लिए प्रयत्नशील रहती हैं| स्तनों में ढीलापन होना, समय के साथ उनका विकास न होना तथा उनमें कठोरता का अभाव होना आदि स्थितियां स्त्री को हीन भावना से ग्रस्त कर देती है|

कारण
शारीरिक कमजोरी, मासिक धर्म की अनियमितता, अधिक सम्भोग, शरीर में बुखार का रहना आदि कारणों से स्तन ढीले पड़ जाते हैं| कुछ स्त्रियों के स्तनों की गोलाई बहुत कम होती है| ऐसी हालत में स्त्री को कोई न कोई रोग अवश्य होता है, क्योंकि तब स्तनों को पुष्ट करने वाले हारमोन ठीक से नहीं बन पाते हैं|
पहचान
ऐसी स्त्रियों के स्तन ढीले अथवा छोटे होते हैं| उन्हें घर, परिवार तथा स्त्री-समाज में एक प्रकार की लज्जा का अनुभव होता है| वे हीन भावना से ग्रस्त तथा चिंतित रहती हैं|

स्तनों का ढीलापन दूर करने के घरेलु नुस्खे:
  • गाय का घी, काले तिल, काली निशोथ, बच तथा सोंठ - सबको मिलाकर पीस लें| फिर इनको आधा किलो तिली के तेल में पकाएं| थोड़ी देर बाद तेल को ठंडा करके शीशी में भर लें| इस तेल की मालिश सुबह स्नान करने से पूर्व स्तन पर 10 मिनट तक करें| स्तन पुष्ट तथा कठोर हो जाएंगे|
  •  जैतून के तेल में थोड़ी-सी फिटकिरी पीसकर मिला लें| फिर इस तेल से स्तनों की अच्छी तरह मालिश करें|
  • कंधारी अनार के छिलकों को पानी के साथ पीसकर पेस्ट बना लें| इसमें 5 ग्राम पिसी हुई हल्दी मिलाए| अब इसे दोनों स्तनों पर निप्पल छोड़कर लगाएं| सूखने के बाद उरोजों को धो डालें| शीघ्र ही स्तनों की ढीली मांसपेशियों में तनाव आ जाएगा|
  • एक अंडा, नीबू का रस 10 ग्राम और बेसन 10 ग्राम - तीनों को दूध के साथ अच्छी तरह फेंट लें| फिर इस पेस्ट को स्तनों पर लगाएं|
  • राई पीसकर स्तनों पर लगाएं| स्तन पुष्ट हो जाएंगे|
  • बरगद के दूध की स्तनों पर मालिश करें|
  • एरण्ड के पत्तों को गन्ने के सिरके में पीसकर स्तनों पर लेप लगाएं|
  • शहद में माजूफल का चूर्ण मिलाकर स्तनों पर लेप करें|

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