*.मसाज को पुराने समय से ही एक बेहतरीन हीलर माना गया है। मसाज मांसपेशियों के दर्द को दूर करती है।
*.आधुनिक अनुसंधानों में यह बात सामने आई है कि मसाज के बाद ऊत्तकों की मरम्मत का काम तेज होता है।
*.मसाज मांसपेशियों को फुलाने वाले रसायन साइटोकाइनेस के निर्माण को कम करती है।
*.इससे मांसपेशियों, उतकों और लिगामेंट्स में रक्त का संचार बढ़ता है।
*.मसाज तनाव को कम कर क्रोध, हताशा और अवसाद को भी कम करती है।
*.अप्रत्यक्ष रूप से सिरदर्द, अनिद्रा, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी समस्याओं को रोकने में भी मदद मदद करती
*.इससे शरीर का पोश्चर सुधरता है और शरीर सीधा रहता है।
*.इससे मानसिक शांति मिलती है, जिससे एकाग्रता बढ़ती है।
*बॉडी मसाज :-में प्रेशर प्वाइंट्स पर दबाव से बढ़ती है अंगों की कार्यक्षमता।
*मसाज से मांसपेशियों का तनावकम होता है और लचीला बनता है शरीर।
*ब्यूटी सैलून वजन घटाने के लिए बॉडी मसाज कराने पर देते हैं जोर।
*मसाज थेरेपी प्राकृतिक दर्द निवारक का काम भी करती है।
*.अगर अच्छी गुणवत्ता के तेल और लोशन उपयोग किए जाएं तो त्वचा कीरंगत और स्वास्थ्य सुधरता है।
मसाज के दिल को लाभ पर शोधहाल ही में हुए कई अध्ययन भी इस ओर इशारा करते हैं कि मसाज चिकित्सा दिल को दुरस्त करने में मदद करती है।
वर्ष 2008, में शोधकर्ताओं ने 263 वोलिंटियर्स पर 45 से 60 मिनट के लिए मसाज कर अध्ययन किया था। उन्होंने पाया कि इसके एक उपचार के बाद ही इन लोगों का औसत रक्तचाप 10 मिलीग्राम पारे तक और धड़कन की दर प्रति मिनट 10 धड़कन तक गिर गयी। यह लभभग उतना था जितनाकि जीवन के लिए नयी रक्तचाप की दवा, 'प्रेस्क्रिबिंग' करती है।

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