अनियमित जीवनचर्या व अनियमित खान के चलते पेट में गैस की समस्या आजकल आम है। लगभग हर व्‍यक्ति कमोबेस गैस की समस्‍या से पीड़ित है। गैस के स्‍थायी इलाज की कोई दवा अभी तक एलोपैथ में नहीं है। लेकिन आयुर्वेद आपको इस समस्‍या से हमेशा के लिए छुट्टी दिला सकता है। इसके लिए आपको कहीं बाजार में नहीं जाना है। हम एक ऐसा सरल व कारगर उपाय बता रहे हैं जिसके जरिये आप घर में ही गैसहर चूर्ण बना सकते हैं और इस समस्‍या से निजात पा सकते हैं।
पेट में गैस की समस्या का उपचार

गैसहरण चूर्ण बनाने की पहली विधि

एक किलो छोटी हरड़ को सुबह छाछ (मही) में भिगो दें, दूसरे दिन सुबह छाछ में से निकालकर पानी से साफ करें। छाया में कपड़ा बिछाकर उसपर डाल दें। जब सूख जाए तो पुन: छाछ में डाल दें। छाछ में डालकर सुखाने की प्रक्रिया को मही की भावना देना कहते हैं। इस प्रकार हरड़ को मही की 3-4-6 (छह तक) भावना देना चाहिए। इसके बाद इसे महीन पीसकर छलनी से छान लें। अब इसमें एक पाव अजवाइन पीस कर मिला दें और रुचि के अनुसार काला नमक मिला दें। गैसहरण चूर्ण तैयार हो गया। भोजन के बाद यह चूर्ण आवश्‍कतानुसार गुनगुने या ठंडे पानी से लेना चाहिए।
दूसरी विधि

छोटी हरड़ को बालू में भूनकर पीस लें। पांच ग्राम चूर्ण गुनगुने पानी के साथ सेवन करें। यदि इस चूर्ण में 60 ग्राम सनाय की पत्‍ती को हल्‍का भूनकर चूर्ण बनाकर मिला दें तो पूराने से पुराना कब्‍ज भी एक सप्‍ताह में ठीक हो जाता है। बिना भूने सनाय की पत्‍ती डालने से पेट में मरोड़ आती है।
गैसहरण चूर्ण के लाभ

– गैसहरण चूर्ण के सेवन से पाचन शक्ति बढ़ती है और दस्‍त साफ होता है।
– इससे तत्‍काल गैस का दर्द दूर हो जाता है और पेट में गैस की समस्या कभी नहीं होती।
– गैस की तकलीफ में इसे लेने पर पांच मिनट में आराम मिल जाता है।
गैस निवारण चटनी

मुनक्का (बीज निकालकर) 30 ग्राम, अदरक 6 ग्राम, सौंफ बड़ी 6 ग्राम, काली मिर्च 3ग्राम, सेंधा नमक 3 ग्राम लेकर पानी के साथ पीसकर चटनी बना लें। दोनों समय भोजन के साथ इस चटनी का सेवन करने से पुराने से पुरानी पेट में गैस गैस की बीमारी दूर भाग जाती है। साथ ही पेट की अन्‍य गड़बड़ी भी ठीक होती है।
यदि भोजन व नाश्‍ता के बाद एक लौंग व एक छोटी इलायची लिया जाए तो पेट में गैस की समस्या कभी नहीं होती है।

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