भारतीय समाज में चूंकि सेक्स के टॉपिक पर खुलेआम बातें नहीं की जाती हैं, इसलिए अक्सर लोग हकीकत से पूरी तरह वाकिफ नहीं हो पाते और भ्रम के शिकार हो जाते हैं. लोगों की जानकारियां ज्यादातर सुनी-सुनाई बातों पर आधारित होती हैं. अधकचरे सेक्स गाइड या विज्ञापनों से भी कोई फायदा नहीं मिलता.ऐसे में सेक्स पावर बढ़ाने के चक्कर में लोग गलतियां कर बैठते ह
बचपन की गलतियां' दूर करने वाली दवाएंट्रेनों के भीतर और रेलवे लाइनों के इर्द-गिर्द अक्सर ऐसे विज्ञापन दिखते हैं, जिनमें 'बचपन की गलतियों' से पैदा हुई कमजोरी दूर करने के दावे किए जाते हैं. मेडिकल साइंस के मुताबिक, हस्तमैथुन से शारीरिक तौर पर कोई नुकसान नहीं पहुंचता है. नुकसान केवल तब हो सकता है, जब कोई यह धारणा बना बैठे कि उसे हस्तमैथुन से नुकसान हो रहा है. दरअसल, नुकसान केवल गलतफहमी पालने से होता है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि अति तो हर चीज की बुरी होती है. यह बात यहां भी सटीक बैठती है.
कोई भी इंसान चाहे वह लड़का हो या लड़की, सबकी सोच यही होती है कि मुझे किसी न किसी तरह सेक्स के दौरान अपने पार्टनर को संतुष्ट करनाहै। बहुत से लोग तो ऐसे होते हैं जो पहली बार सेक्स करते हैं औऱ पहली रात को ही उत्तेजना में भरकर कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं कि जिसके कारण उन्हे अपने पार्टनर की नजरों में गिर जाना पड़ता है। ऐसे ही नवयुवकों के लिए पेश हैं कुछ ऐसे सेक्स टिप्स जिन्हे अपनाकरवह अपनी सेक्स लाईफ को खुशनुमा बना सकते हैं और अपने पार्टनर को भी खुश रख सकते हैं-
#
सेक्स के दौरान इस सोच को अपने दिमाग से बिल्कुल निकाल दें कि मुझे अपने पार्टनर पर हावी होना है। जहां तक हो अपनी उत्तेजना को काबू में रखने की कोशिश करें।
#ऐसी बातें होती है जिनके बारे में उनको जानकारी होना बहुत जरूरी हैजैसे लिंग के आकार को लेकर उनके मन में हमेशा शंका रहती है क्योंकि उन्होनें सुना होता है कि लिंग का आकार जितना बड़ा होगा लड़की उतनीही ज्यादा संतुष्ट होगी। लेकिन यह बात सही नहीं है। असल में सेक्स क्रिया के दौरान लिंग का आकार नहीं बल्कि यह बात मायने रखती है कि आप उस क्रिया के लिए कितनी देर तक ठहर पाते हैं। अगर आपके लिंग का आकार छोटा है लेकिन फिर भी आपकी इस क्रिया में लगभग 5 मिनट तक लगा देते हैं तो आपको किसी तरह की टेंशन लेने की जरूरत नहीं है क्योंकि इतना समय सेक्स की बहुत अच्छी प्रफोरमेंस में गिना जाता है। इतने समय में स्त्री भी पूरी तरह से संतुष्ट हो जाती है।
बहुत सी लड़कियां होती है जिन्हे सेक्स के बारे में कोई नॉलेज नहींहोती और उन्होनें इस बारे में सिर्फ अपनी सहेलियों आदि से सुना होता है। ऐसी लड़कियों के मन में हमेशा सेक्स को लेकर एक डर होता हैकि सेक्स के दौरान खून निकलता है, बहुत दर्द होता है आदि। इसलिए सेक्स की शुरूआत करने से पहले अपने पार्टनर से बात कर लें और उसे अच्छी तरह समझाकर संतुष्ट कर लें कि सेक्स से कोई परेशानी नहीं होती और फिर इस क्रिया की शुरूआत करें। क्योंकि जब तक सेक्स के दौरान दोनों सहयोग नहीं देंगे तब तक इस क्रिया में मजा नहीं आएगा।
बहुत से युवक होते हैं जो बचपन से गलत आदतों के चक्कर में पढ़कर जैसे हस्तमैथुन करके अपना वीर्य बर्बाद करते रहते हैं और जब शादी का समय आता है तो उनको लगता है कि अब मै क्या करूंगा क्योंकि मै तो अपना सारा वीर्य हस्तमैथुन करके बर्बाद कर चुका हुं। अब न तो मै शादी के बाद अपनी बीवी को खुश रख पाऊंगा और न ही बाप ही बन पाऊंगा। इसी कारण से ऐसा लोग शादी होने के बाद मानसिक तनाव के कारण सेक्स कापूरा मजा नहीं उठा पाते और अपने साथ अपने पार्टनर को भी दुखी करते है।
ऐसे लोगों को बताना जरूरी है कि उन्हे डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि वीर्य बनने का प्रोसीजर एक ऐसा प्रोसीजर है जो अपने आप होता रहता है।आज आप जितना वीर्य निकालेंगे, दूसरे दिन उतना वीर्य दुबारा से बन जाएगा। यह एक नेचुरल प्रक्रिया है जो एक तरह से करना जरूरी भी है क्योंकि अगर वीर्य शरीर में ज्यादा बन जाएगा तो वह नाईटफॉल के जरिये निकल जाएगा क्योंकि उसको तो शरीर से निकलना ही है तो इसमें घबराने की कोई बात नहीं है।
लेकिन अब आप यह मत सोचना कि डॉक्टर राशिने बोल दिया कि यह एक नेचुरल क्रिया है तो हम जितना मर्जी हस्तमैथुन करें क्योंकि कोई भी चीज अगर एक लीमिट तक हो तो ठीक है लेकिन अगर वह जरूरत से ज्यादा हो जाए तो परेशानी पैदा कर सकती

Categories

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी https://desinushkhe.blogspot.in/ की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।
Powered by Blogger.

Follow by Email