लकवा को पैरालिसिस अटैक या स्ट्रोक भी कहते है जिसकी वजह से व्यक्ति चलने फिरने और लकवा ग्रस्त अंग को महसूस कर पाने की ताकत खो देता है। चेहरे (face) पर lakwa होने से मरीज का मुँह आधा टेढ़ा हो जाता है और बोलने पर मुँह से आवाज नहीं निकलती। जब हमारे शरीर का कोई अंग या फिर पूरे शरीर की मांसपेशियां काम करना बंद कर दे तो उस अवस्था को फालीज, पक्षाघात या फिर लकवा कहते है। अगर पैरालिसिस अटैक शरीर के एक तरफ के हिस्सा पर हुआ है तो इसे अधरंग कहते है जिसमे शरीर का आधा हिस्सा काम करना बंद कर देता है। इस लेख में हम जानेंगे लकवा का उपचार घरेलु उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे अपना कर कैसे करे,
लक़वा किसी भी उम्र में किसी भी व्यक्ति या महिला को हो सकता है पर अधिकतर ये जादा उम्र के लोगों में देखा जाता है। इस बिमारी  से उबरने में काफी समय लग सकता है और कई बार ये लाइलाज रोग बन जाता है।
लकवा का उपचार घरेलु उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे

लकवा के लक्षण क्या है : Paralysis Symptoms
सिर दर्द होना, चक्कर आना या फिर बेहोश होना।
शरीर में अकड़न आना, शरीर का कोई अंग बार बार सुन पड़ जाना और हाथ पैर को उठाने में परेशानी आना।
बात करते वक़्त अटकना, तुतलाना या बोलने में कोई परेशानी होना।
धुँधला दिखाई देना या कोई चीज़ दो बार दिखाना।

लकवा होने के कारण : Paralysis Causes
लकवा होने का सबसे बड़ा कारण है हाई ब्लड प्रेशर (high blood pressure). इसके इलावा खून में थक्का जमना, स्ट्रोक होना , बेड कोलेस्ट्रोल का बढ़ना।
जाने हाई ब्लड प्रेशर का इलाज कैसे करे

लकवे का अटैक आने पर अगर मरीज को तुरंत उपचार मिल जाए और खून का जमा हुआ थक्का (blood clot) ठीक हो जाए तो मरीज की स्थिति में जल्दी सुधार हो सकता है और शीघ्र ही रोगी बिल्कुल ठीक भी हो सकता है और अगर खून का प्रवाह फिर से शुरू ना हो सके तो इससे स्थाई लकवा की स्थिति बन सकती है।


लकवा का उपचार घरेलु उपाय और देसी तरीके से कैसे करे
1. 2 चम्मच शहद में 5 कलियाँ लहसुन की पीस कर उसका सेवन करने पर एक से डेढ़ महीने में लकवे में आराम मिलने लगेगा। इसके साथ साथ लहसुन की 5 कालियां दूध में उबाल ले और इसका सेवन करे। इस उपाय से ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहेगा और लकवा प्रभावित अंग में भी जान आने लगेगी।
2. पैरालिसिस के उपचार में मालिश से भी फायदा मिलता है पर किसी भी प्रकार की मालिश को शुरू करने से पहले एक बार डॉक्टर या फिर किसी आयुर्वेदिक वैद की सलाह जरूर ले। कलौंजी के तेल को गुनगुना कर के हलके हाथों से मालिश करे, इसके साथ दिन में 2 से 3 बार एक चम्मच तेल का सेवन भी करे। इस देसी नुस्खे से 30 दिनों में फरक दिखने लगेगा।
3. 50 से 60 ग्राम काली मिर्च को 250 ग्राम तेल में मिला कर कुछ देर तक गैस पर पकाए। अब इस तेल को गुनगुना करके लकवे प्रभावीत अंग पर पतला – पतला लेप लगाये।
4. लकवे का इलाज में लहसुन का सेवन बहुत ही असरदार है। लहसुन से उपचार करने के लिए पहले दिन पानी के साथ लहसुन की 1 कली निगल ले, उसके बाद रोजाना एक-एक कली बढ़ाये और पानी के साथ ले, कहने का मतलब है की पहले दिन 1 कली, दूसरे दिन 2, तीसरे दिन 3 और ऐसे करते करते  21वें दिन लहसुन की पूरी 21 कलियां पानी के साथ निगलनी है। 21 दिनों के बाद अब हर रोज एक  – एक  कली कम कर के निगले। इस प्रयोग से अधरंग जैसी समस्या में जल्द फायदा मिलता है।
5. रोजाना सौंठ और उड़द को उबाल ले और ठंडा होने पर इसका पानी छान कर पिए। हर रोज इस उपाय को करने से लकवे में काफी सुधार होता है।
6. बारीक पीसी हुई अदरक 5 ग्राम और काली उड़द दाल 10 ग्राम की मात्रा में ले और 50 ग्राम सरसों के तेल में 5 से 7 मिनट तक गरम करे और इसमें 2 ग्राम पिसे हुए कपूर का चूरा डाल दे। हर रोज इस तेल के इस्तेमाल से गठिया और लकवे की बीमारी में गजब का फायदा मिलता है। इस तेल से जोडों की मालिश करने पर दर्द ठीक होता है।
7. खजूर का गुदा लक़वे से प्रभावित अंग पर मलने से भी आराम मिलता है।
8. दूध में छुहारा भिगो कर खाने से भी लकवे में फायदा मिलता है, ध्यान रहे एक बार में 4 से जादा छुहारे नहीं खाये।
9. रात को तांबे के बर्तन में एक लीटर पानी भर कर रख दे और पानी में चाँदी का एक सिक्का भी डाल दे। सुबह खाली पेट इस पाई को पिए और आधे घंटे तक कुछ ना खाए पिए। ये प्रयोग लकवा से रिकवर होने में बहुत फायदा करता है।
10. लकवे के रोगी को करेला जादा खाना चाहिए, लकवे में करेले के सेवन से भी फायदा मिलता है। लकवे से ग्रस्त व्यक्ति को किसी भी नशीली चीज़ के सेवन से परहेज करना चाहिए और खाने में घी, तेल माँस, मछली का प्रयोग नही करना चाहिए।


लकवे का इलाज के आयुर्वेदिक नुस्खे

हर रोज सुबह शाम देसी गाय के शुद्ध घी की 2 बूँदो को नाक में डालने से लकवे में भी बहुत आराम मिलता है और इसके इलावा इस उपाय से बालो का झड़ना बंद होता है, कोमा में गए हुए व्यक्ति की चेतना लौटने लगती है और  दिमाग भी तेज होता है। इस देसी नुस्खे का निरंतर प्रयोग माइग्रेन की बीमारी में रामबाण इलाज का काम करता है।
लकवे का अटैक आने पर तुरंत तिल का तेल 50 से 100 ग्राम हल्का गर्म करके रोगी को पिला दे और इसके साथ थोड़ा लहसुन चबा चबा कर खाने को दे। अटैक पड़ते ही सिर और लकवा प्रभावित अंग पर सेंक करे।
काली उड़द को खाने के तेल में डाल कर गर्म कर ले और इसे लकवे से ग्रस्त अंग पर मालिश करे, इससे काफी लाभ मिलता है।
अगर आप किसी प्रकार की कोई आयुर्वेदिक मेडिसिन लेना चाहते है तो Baba Ramdev पतंजलि स्टोर या फिर किसी पंसारी की दुकान से ले सकते है और अगर होम्योपैथिक दवा लेना चाहते है तो पहले होमियोपैथी डॉक्टर से मिले।

दवाओं और उपायों के साथ लकवा (पक्षाघात) ठीक करने के लिए प्राणायाम, योगासन और एक्यूप्रेशर करने से भी लाभ मिलता है। शरीर के एक तरफ लकवा हुआ हो तो अनुलोम विलोम प्राणायाम करने  से बहुत  फायदा मिलता है। अधरंग का उपचार के लिए प्राणायाम और योग सिखने के लिए बाबा रामदेव के विडियो देख सकते है।

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