एक नए अध्ययन में पाया गया है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण मनुष्य में बैक्टीरिया पैदा हो सकता है जोकि मुँहासे पैदा कर सकता है।
प्रोपीऑनआईवैक्टीरियम एक्ने- मुँहासे के साथ ही कुछ अन्य संक्रमण के लिए योगदान करने के लिए जाना जाता है बैक्टीरिया- आम तौर पर अहानिकारक  त्वचा पर रहता है।
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन डिएगो में, अमेरिका में से शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए अध्ययन में पता चला है कि जब बाल और त्वचा कोशिकाओं के साथ वायुहीन वातावरण में फंसकर प्रोपीऑनआईवैक्टीरियम एक्ने सीरम में बदल जाता है, तेल हमारी त्वचा पर पाया जाता है वो फैटी एसिड त्वचा कोशिकाओं में सूजन को सक्रिय करता है।

आमतौर पर यह सूजन हिस्टोन्स से बंद है वो एंजाइमों के रूप में जाना जाता है लेकिन फैटी एसिड बैक्टीरिया द्वारा उत्पादित सूजन जारी रहती है और लाल खुजली का कारण बनती है।

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