केसर महिलाओं में कामेच्छा बढाने में असरदार भूमिका रखती है| इसके रेशों को गरम पानी में १५ मिनिट तक भिगोकर रखें| और फिर इसे चावल के साथ खाएं|

लहसुन में एलीसिन नाम का एक कंपाऊंड होता है जो शरीर में खून का प्रवाह बढाता है| सेक्स से सम्बंधित प्रायवेट अंगों में रक्त संचरण बढेगा तो कामेच्छा भी बढ़ेगी ही| लहसुन की ३ कुली चबाकर खाएं और मुंह भली प्रकार साफ़ करले डार्क चाकलेट में ऐसा केमिकल होता है जो महिलाओं में पुरुष के प्रति खिंचाव बढाता है| इसीलिये महिलाएं सम्भोग के दौरान डार्क चाकलेट खाना पसंद करती हैं|

अनुभवी चिकित्सकों का मत है कि मेनोपोज(ऋतु निवृत्ति) के बाद हारमोन संतुलन बिगड जाने से स्त्रियां सेक्स-विमुख हो जाती हैं।उनके पुरुष के प्रति आकर्षण में गिरावट आ जाती है।

महिलाओं में लगातार सेक्सुअल अराऊजल के बाद भी ओर्गास्म के ना आने को ओर्गेज्मिक डिसआर्डर कहा जाता है। ओर्गास्म फ़ेज तक पहुंचने में जो समय लगता है उसे क्लाईमेक्स कहते हैं। कुछ महिलाएं कभी भी क्लाईमेक्स तक नहीं पहुंच पाती हैं। जबकि कुछ महिलाएं ऐसी होती है जो सिर्फ़ हस्त मैथुन से ही
क्लाईमेक्स तक पहुंच जाती हैं। कुछ महिलाओं में भगनासा और यौनि को भी सहलाकर उत्तेजित करने की जरूरत पड सकती है। ऐसा करने से महिलाएं अपने पार्टनर के साथ क्लाईमेक्स तक पहुंच जाती हैं।
बहुत सी स्त्रियों में तो मेनोपोज के पहिले ही काम वासना का स्तर बहुत नीचे आ जाता है। दूसरी और पुरुष का सेक्स ड्राईव बना रहता है।पुरुषों का यौन सक्रियता काल महिलाओं की बनिस्बत ज्यादा लंबा होता है। जो लोग ज्यादा सेक्स-सक्रिय रहते हैं उनके अधिक स्वस्थ रहने की उम्मीद ज्यादा रहती है।

पुरुषों में अच्छे स्वास्थ्य का संबंध उनकी यौन सक्रियता से जुडा रहता है। स्वस्थ-यौन संबंध पुरुषों और महिलाओं में एक समान नहीं होते हैं। अगर एक पुरुष ५५ साल की उम्र तक पूरी तरह स्वस्थ है और यौन सक्रियता कायम है तो उसके जीवन में यौन सक्रियता ५-७ साल और बढ जाया करती है।
चिकित्सा विग्यान का सबसे ज्यादा ध्यान पुरुषों के से़क्स ड्राईव को बढाने वाली दवाओं की खोज में लगा हुआ है।

महिलाओं मे सेक्स के प्रति अनिच्छा( loss of libido) दूर करने वाले तत्वों की खोज भी अहम विषय है यह समझ लेना जरूरी है कि स्त्री हो या पुरुष सेक्स में संतुष्टि का स्तर सबका अलगअलग होता है।
महिलाओं में सेक्स की ईच्छा को बढावा देने के लिये कुदरती पदार्थों और भोजन का विशेष महत्व है।
अण्डों में विटामिन बी होता है यह तनाव दूर करता है और हारमोन लेविल मेंटेन रखता है| इससे फर्टीलिटी भी बढ़ती है|

आम ऊर्जा देने वाला फल है | गर्मी के मौसम में इसे नियमित रूप से खाने से स्त्री में ऊर्जा का संचार होगा  और सेक्स में अच्छा परफार्मेंस करने में सफल होंगी| आम पुरुषों के लिए भी उतना ही लाभदायक है|
विटामिन ब१ सूखे मेवों और अनाजों में मिलताहै। विटामिन ब२ मुख्यत: केला,ब्रोकोली और मांस में पाया जाता है। विटामिन ब३ रक्त संचार बढाने के लिये और सेक्स हार्मोन की उत्पत्ति में सहायता करता है।
विटामिन ई सेक्स हार्मोन पैदा करने और परिसंचरण तंत्र को मजबूत बनाता है। यह विटामिन अनाजों ,फ़लों और हरी सब्जीयों में प्रचुरता से पाया जाता है।

एक मेडीकल रिसर्च का निष्कर्ष है कि वियाग्रा गोली स्त्रियों में सेक्स शक्ति (sex power)बढाने के लिये इस्तेमाल की जा सकती है।लेकिन यह प्रभाव कुछ ही स्त्रियों पर देखने को मिला है। इसे काम क्रीडा में प्रवृत होने के एक घंटे पूर्व लेना चाहिये। शतावर का प्रयोग अच्छे परिणाम देता है। सफ़ेद मूसली स्त्रियों के सेक्स ड्राईव बढाने की बेजोड औषधि है।

कामोद्दीपक तत्व aphrodisiacs भोजन के माध्यम से प्राप्त करना उचित है। इन तत्वों से स्त्री में टेस्टोस्टरोन.एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टरोन हार्मोन का लेविल संतुलित बनाने में मदद मिलती है। ये हार्मोन स्त्री की लिबिडो याने कामेच्छा बरकरार रखने के लिये उत्तरदायी होते हैं। यहां अब उन पदार्थों का विवेचन करेंगे जिन्हें महिलाओं को भोजन में प्रचुरता से शामिल करने की चिंता रखनी चाहिये-
केला,स्ट्राबेरी, आम ये फ़ल नियमित लेते रहना चाहिये।स्त्री की लिबिडो वृद्धि करने में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहता है।

भोजन में गाजर,अदरक,लहसुन और अन्य सब्जीयां शामिल करें।
सूखे मेवे जैसे बादाम,मूंगफ़ली,छुआरे में कामोद्दीपक तत्व पाये जाते हैं। इनका उपयोग करें।
सोयाबीन, जौ, अजवाईन,अंडा,मक्खन और मशरूम सेक्स ड्राईव बढाने में सहायक हैं।
ओमेगा ३ फ़ेट्टी एसीड का कामेच्छा जाग्रत करनेमें विशेष योगदान है।मछलियों में यह तत्व ज्यादा मिलता है। शाकाहारी १५ ग्राम अलसी का तेल रोज लेकर इस तत्व की पूर्ति करें।

यह भी हो सकता है कि स्त्रियों की सेक्स-विमुखता कारण उनकी जीवन शैली और खान-पान हो। भोजन वस्तुओ में मामूली बदलाव करने से वे भरपूर सेक्स का आनंद लेने में कामयाब हो सकेंगी। संतुष्टिप्रद सेक्स ड्राईव के लिये सबसे महत्वपूर्ण बात शरीर में आदर्श रक्त संचार का होना है।

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