ग्रीन टी पीने के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी ग्रीन टी अच्छी मानी जाती है। कुल मिलाकर देखा जाए तो ग्रीन टी पीने के कई फायदे हैं, लेकिन ये सभी फायदे संतुलित मात्रा में इसका सेवन करने पर ही मिल सकते हैं। अगर अधिक मात्रा में आप ग्रीन टी पीते हैं तो ये आपके लिए हानिकारक हो सकती हैं।

अगर आप चाहते हैं कि ग्रीन टी पीने की वजह से आपकों इनमें से किसी भी समस्या का शिकार न होना पड़े तो इसके लिए जरूरी है कि दिनभर में आप 2-3 कप से ज्यादा ग्रीन टी का सेवन न करें। क्योंकि इसके कई नुकसान भी हैं। आइए जानते हैं।

भूख न लगना

ग्रीन टी का अधिक सेवन करना आपकी भूख को कम कर सकता है। भूख नही लगने की वजह से आप सही आहार नहीं ले पाते हैं जिससे आपके शरीर को जरूरी मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिल पाते है और इस तरह से आपका शरीर कमजोर हो सकता है।

प्री मैच्योर डिलिवरी

गर्भावस्था में या फिर बच्चे की डिलेवरी के बाद ग्रीन टी का अधिक मात्रा में सेवन करना फायदा पहुंचाने के बजाय काफी नुकसान पहुंचा सकता है। आपको बता दे कि इसके ज्यादा सेवन से गर्भपात की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। बच्चे के वजन में कमी के साथ प्री मैच्योर डिलेवरी की नौबत भी आ सकती है।

आयरन की कमी

ग्रीन टी का अत्यधिक सेवन करने से आपके शरीर में लौह तत्व यानी आयरन की कमी हो सकती है। दरअसल ग्रीन टी में मौजूद टैनिन शरीर में आयरन की कमी का कारण भी बन सकता है।

एसिडिटी

सुबह खाली पेट ग्रीन टी पीने से एसिडिटी की शिकायत हो सकती है। इसके बजाय सुबह खाली पेट एक ग्लास गुनगुना सौंफ का पानी पीने की आदत डालें। इससे पाचन सुधरेगा और शरीर के अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालने में मदद मिलेगी।

पाचन समस्‍या 

जल्दी वजन घटाने की लालच में अक्सर लोग खाना खाने के तुरंत बाद ग्रीन टी पीते हैं जिसकी वजह से उनकी पाचन क्रिया प्रभावित हो सकती है।

पथरी

ग्रीन टी में पाया जाने वाला ऑक्जेलिक एसिड गुर्दे में पथरी बनने का कारण हो सकता है। इसके अलावा इसमें कैल्शियम, यूरिक एसिड, अमीनो एसिड और फास्फेट भी पाया जाता है जो ऑक्जेलिक एसिड के साथ मिलकर गुर्दे की पथरी के लिए जिम्मेदार होते हैं।

अन्य समस्याएं

वैसे तो ग्रीन टी में कैफीन की मात्रा कॉफी की अपेक्षा बहुत कम होती है, लेकिन दिनभर में ग्रीन टी का ज्यादा सेवन से आप पेट की समस्या, अनिद्रा, उल्टी, दस्त एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के शिकार हो सकते हैं।

Categories

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी https://desinushkhe.blogspot.in/ की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।
Powered by Blogger.

Follow by Email