टीनएज का प्यार हर किसी के लिए मिस्ट्री होता है। उस समय का प्यार ताउम्र याद भी रहता है लेकिन उसके पास वापस लौटने जाने का भी मन नहीं करता। टीनएज का प्यार हर किसी के लिए मिस्ट्री के समान है जिसके बारे में हर कोई सोचता है। दरअसल टीनएज लव के बारे में सोचने वाली बात ये है कि जब वो प्यार होता है तो उस समय केवल वो होता है अचानक से ऐसी क्या कॉम्पलीकेशन्स आ जाती हैं जिससे कि वो फीलिंग पूरी तरह खत्म हो जाती है। इस पर कई शोधकर्ता रिसर्च भी कर रहे हैं जिसमें से हाल ही में एक रिसर्च आई है।

इस स्टडी के अनुसार एडल्ट्स के रिल्शनशिप में होने वाले फैक्टर्स टीनएज के लव पर एप्लाई नहीं होते। 
स्टडी के कोडऑथर थाओ हा के अनुसार, "शादी में या बहुत ज्यादा सीरियस रिलेशनशिप में बार-बार देखने में आता है कि उनके बीच होने वाले कन्फिलेक्ट को खत्म किया जाता है। लेकिन अगर टीनएज लव के बीच के कन्फिल्कट की बात करें तो इस बात का अनुमान लगाना मुश्किल होता है कि कौन सा रिलेशनशिप टिकेगा औऱ नहीं।"

मिस्‍टीरियस डायनेमिक

पुराने रिसर्च के अनुसार एडल्ट रिलेशनशिप में ये काबिलियत होती है कि वे या तो कन्पिक्ट्स से डील कर लेते हैं या नहीं। लेकिन ज्यादातर टीनएड लव में लड़कियों की उदासी ब्रेकअप का कारण बनती है। लेकिन इसके बावजूद, ये अब तक साफ नहीं हुआ है कि लड़कियों की उदासी ब्रेकअप का कारण बनती है या ब्रेकअप टीनएज की उदासी का कारण होती है।

टीनएज रिलेशनशिप किस तरह से काम करता है, इस पर हा और उसके कलिग्स ने नीदरलैंड के हाईस्कूल के 80 कपल्स से बातचीत की। बातचीत की इस विडियो में कपल्स इंटरेक्शन के बीच में कंफ्लिक्ट के द्वारा बातचीत कर रहे हैं। इन कपल्स को अध्ययनकर्ताओं ने अगले चार साल तक फॉलो किया। इन टीन्स कपल्स का मानना था कि प्यार औऱ इज्जत में कमी और जलन कंफ्लिक्ट का कारण थी।

हा कहते हैं, सामान्यतौर पर टीनएजर रिलेशनशिप को बहुत ही गंभीरता से लेते हैं। जबकि स्टडी के अंत तक में केवल नौ कपल ही साथ रहे।  

इस स्टडी से अनुमान लगाया जा सकता है कि नब्बे फीसदी टीनएज लव सफल नहीं होते। लेकिन ऐसा आखिर क्यों है? जबकि उस समय का प्यार इतना गहरा होता है कि उसे देखकर लगता है कि ये एक-दूजे के लिए ही बने हैं। टीनएज के लव को ये चीजें खास और गहरी बनाती है और यही इसके अलग होने का कारण भी होती है।
एक-दूसरे के लिए

उस समय लड़का-लड़की एक-दूसरे के लिए तैयार होते हैं। केवल एक दूसरे के साथ टाइम स्पेंड करना पंसद करते हैं। हमेशा एक-दूसरे को कॉपी करते हैं। एक-दूसरे की तरह दिखने की कोशिश करते हैं। इनकी एक-दूसरे की यही चीज उन्हें मेड फॉर इच अदर बनाती है और यही उन्हें अलग भी करती है। ये सामान्य सी बात है कि आप कब तक किसी दूसरे को खुश करने के लिए कुछ कर सकते हैं। कभी ना कभी तो बोर होंगे ही। अगर बोर ना हुए भी हुए तो आपकी इच्छी कभी न कभी तो आप पर हावी होगी ही। और यहीं से शुरुआत होती है झगड़ों की औऱ बुरा लगने की।

ना कहने की आपाधापी
सबकुछ सही चल रहा होता है और अचानक से किसी एक दिन एक के मना करने पर सबकुछ बिखर जाता है। दरअसल टीनएज लवस्टोरी में किसी एक के मना करने पर दूसरा ये सोचने लगता है कि शायद उसका मन उठ गया है और ऐसा लड़कियां अधिक सोचती हैं। जबकि एडल्ट रिलेशनशिप में मन ना होने पर लोग एक-दूसरे को अच्छी तरह से समझाकर मना कर देते हैं औऱ यही समझदारी टीनएज में तब तक आई नहीं होती जिसके कारण झगड़े शुरू होते हैं।

प्यार औऱ इज्जत की कमी

टीनएज की भी अपनी समस्या होती है और सबसे बड़ी समस्या होती है एक्जाम्स की। एक्जाम्स के प्रेशर में कई बार एक-दूसरे को टाइम नहीं देने पर सामने वाले को प्यार या इज्जत की कमी नजर आने लगती है जो प्यार में कमी कर देती है। इस कारण देखा भी गया है कि अधिकतर ब्रेकअप एक्जाम्स के समय ही होते हैं। 

जलन की भावना
ये किसी भी ब्रेकअप का सबसे पहला कारण बनता है। टीनएज हो या एडल्ट, जलन हर उम्र के रिलेशनशिप में होती है। एडल्ट रिलेशनशिप में एक-दूसरे को समझा लिया जाता है जबकि टीनएज की नासमझी इसे समझने नहीं देती।

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