मोतियाबिंद की सर्जरी में फेम्टो लेजर-असिस्टेड कैटरैक्ट सर्जरी नई प्रक्रिया है, जो डॉक्‍टर्स द्वारा किसी भी तरह की गलती की आशंका को कम कर देता है.
दुनियाभर में हो रही हैं सर्जरी-
इस तकनीक से दुनियाभर में 12.5 लाख से अधिक सर्जरी की जा चुकी है. आई 7 ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल्स के फाउंडर और निदेशक डॉ.संजय चौधरी का कहना है कि  लेजर द्वारा किए जाने वाले कंप्यूटर-कंट्रोल्ड इंसिजंस, मैन्युअल इंसिजंस की तुलना में अधिक सटीक और उपयुक्त होते हैं, खास कर डेप्थ और आर्किटेक्चर के संदर्भ में. यह ब्लेडलेस इंसिजंस जख्म भरने और इंफेक्‍शन के कुछेक अवसरों को रोकने में बेहतर परिणाम देते हैं.
अधिक सुरक्षित है ये सर्जरी-
डॉ.चौधरी का ये भी कहना है कि सालों से, भारत में कई सर्जंस ने वर्तमान की कैटरेक्ट सर्जरी के ज्यादातर जटिल चरणों को दूर करने के लिए लेजर-एसिस्टेड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया है, जो सर्जन की कुशलता बढ़ाते हैं और कैटरेक्ट सर्जरी को अधिक सुरक्षित तथा दूरदर्शिता वाला बनाते हैं.
74 पर्सेंट लोगों को मोतियाबिंद-
उन्होंने कहा कि भारत यकीनन लेजर-एसिस्टेड ट्रीटमेंट का लाभ प्राप्त करेगा, क्योंकि 60 साल से अधिक उम्र के तकरीबन 74 प्रतिशत भारतीय मोतियाबिंद से पीड़ित हैं.
यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा मान्यता प्राप्त लेंसेक्स लेसर सिस्टम, फेम्टो-लेसर सेगमेंट में मार्केट लीडर है, जिसने विश्व भर में किसी अन्य लेजर सिस्टम की तुलना में अधिक कैटरेक्ट सर्जरी परफॉर्म किया है.

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