खाने से जुड़ी हुई कई धारणाएं हमारे मन में होती हैं. जो दरअसल गलत होती हैं. मिसाल के तौर पर लोग मानते हैं कि जिसका कॉलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ हो उसे ड्राईफ्रूट्स नहीं खाने चाहिए. मगर ये सच नहीं है. ड्राई फ्रूट्स में बिल्कुल भी कॉलेस्‍ट्राल नहीं होता है. आपका कॉलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है तो भी आप ड्राई फ्रूट्स आराम से खा सकते हैं.
आपको ध्यान रखना है कॉलेस्‍ट्राल बढ़ने पर नॉनवेजिटेरियन और तला हुआ फूड आप ना खाएं. दरअसल, तला हुआ फूड लीवर को खराब करता है. यानी लीवर में ऐसे रेडिकल्स पैदा करता है जो उसको डैमेज करते हैं. और मांसाहारी खाने में तो कॉलेस्ट्रॉल काफी अधिक मात्रा में पाया जाता है. जैसे मछली, मीट अंडा इत्यादि.
कई लोग मानते हैं कि दूध अपने आपमें में पूरी तरह पोषक है. कई बार बच्चे खाना नहीं खाते तो हम सोचते हैं कि बच्चे को दूध दे दिया तो ये अपने आपमें कम्प्लीट फूड है. इस बात में भी सच्चाई नहीं है क्योंकि दूध में कैल्शियम, प्रोटीन जैसी चीजें ही पाई जाती है. जबकि विटामिन्स और मिनरल्स की बहुत अधिकता दूध में नहीं होती है. ऐसे में दूध अपने आपमें कम्प्लीट फूड नहीं है.
कुछ लोग जो वजन कम करना चाहते हैं वे सोचते हैं कि जीरो फैट डायट लेंगे तो पतले हो जाएंगे. जैसे ऑयल और फैट हटा कर लोग सोचते हैं कि वे बेहतरीन डायट ले रहे हैं. ये धारणा भी गलत है क्योंकि हमारी डायट में ऑयल का भी महत्वपूर्ण रोल है. तेल के जरिए भी शरीर को एनर्जी मिलती है. नवर्स सिस्टम, ‍स्किन और इम्यूनिटी के लिए ऑयल की शरीर को जरूरत होती है.



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