चिकित्सक किफायती और नॉन इनवेसिव उपकरण की मदद से जल्द ही मरीजों में पारसंस और विभिन्न तरह के कैंसर समेत 17 भिन्न और असंबद्ध बीमारियों के खतरे का पता लगाने में सक्षम होंगे।
इजरायल के अनुसंधानकर्ताओं द्वारा विकसित उपकरण की मदद से सांस के नमूनों से ही इन बीमरियों के खतरों का पता लगाया जा सकेगा।
सांस के नमूनों पर आधारित नैदानिक तकनीक का अतीत में कई बार प्रदर्शन किया जा चुका है लेकिन अब तक इस परिकल्पना से जुड़ा कोई वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं मिल सका था कि भिन्न और असंबद्ध बीमारियों का निर्धारण सांस के आधार पर हो सके। इस तरह के नैदानिक जांच के लिए अब तक विकसित की गयी तकनीक से बहुत कम छोटे स्तर पर ही ऐसा हो पा रहा था।
इस अध्ययन का प्रकाशन एसीएस नैनो ने किया है।


Categories

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी https://desinushkhe.blogspot.in/ की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।
Powered by Blogger.

Follow by Email