चुकन्दर सेहत के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। चुकन्दर ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखने से लेकर आपका सेक्सुअल स्टैमिना तक बढ़ाता है। ये एक नेचुरल फूड कलर के रूप में भी काम करता है। चुकन्दर को आप सलाद, जूस या हलवा किसी भी रूप में ले सकते हैं। जानिये इस खूबसूरत रंग वाली सब्जी से आप क्या क्या लाभ उठा सकते हैं। 
चुकन्दर नाइट्रेट्स का एक अच्छा स्रोत है, इसका सेवन किए जाने पर ये नाइट्राइट्स और एक गैस नाइट्रिक ऑक्साइड्स में बदल जाता है। ये दोनों तत्व धमनियों को चौड़ा करने और ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है। शोधकर्ताओं ने ये भी पाया है कि हर रोज़ 500 ग्राम चुकन्दर खाने से लगभग 6 घंटे में व्यक्ति का ब्लड प्रेशर घट जाता है।
चुकन्दर में काफी मात्रा में फाइबर, फ्लेवेनॉइड्स और बेटासायनिन होता है। बेटासायनिन की वजह से ही चुकन्दर का रंग लाल-बैंगनी होता है। यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। यह एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का ऑक्सीकरण कम करने में मदद करता है जिसकी वजह से यह धमनियों में नहीं जमता। इससे दिल के दौरे का जोखिम कम हो जाता है। 
चुकन्दर में उच्च मात्रा में फॉलिक एसिड पाया जाता है। यह पोषक तत्व गर्भवती महिलाओं और उनके अजन्म बच्चों के लिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इससे अजन्म बच्चे का मेरुदंड बनने में मदद मिलती है। चुकन्दर गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त ऊर्जा देता है।
चुकन्दर में मिनरल सिलिका मौजूद होता है। इस तत्व की वजह से शरीर कैल्शियम को प्रभावी रूप से इस्तेमाल कर पाता है। कैल्शियम हमारे दांतों और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी होता है। इसलिए दिन में एक ग्लास चुकन्दर का जूस पीने से आप आस्टिओपरोसिस और हड्डियों व दांतों की दूसरी समस्याओं से बचे रह सकते हैं।
जिन लोगों को डायबिटीज़ होती है वो चुकन्दर खाकर अपने मीठे की तलब मिटा सकते हैं। इसको खाने का फायदा ये होता है कि मीठे की तलब पूरी होने पर भी ये आपका ब्लड शुगर लेवल नहीं बढ़ाता क्योंकि ये ग्लाइसेमिक इंडेक्स वेजिटेबल है। इसका अर्थ ये है कि ये खून में बहुत धीरे-धीरे शुगर रिलीज़ करती है। इसमें बहुत कम कैलोरी होती है और इसका फैट-फ्री होना भी इसे डायबिटीज़ के मरीजों के लिए परफेक्ट वेजिटेबल बनाता है। 

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